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अवन बना दिल्ली-NCR, आखिर रात को भी क्यों महसूस हो रही है इतनी तपिश

दिल्ली में दिन के समय तो भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं ही, रात को भी राहत नहीं मिल रही है। सूर्यास्त के घंटों बाद भी देर रात के समय ऐसा महसूस हो रहा है जैसे किसी अवन में हों।

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दिल्ली में रात को भी क्यों हो रही ओवन जैसी गर्मी

उत्तर भारत के अन्य हिस्सों की तरह दिल्ली में भी इन दिनों प्रचंड गर्मी (Heatwave) पड़ रही है। दिन के समय तेज धूप के कारण लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। आसमान से सूरज आग बरसा रहा है, जिसका असर सूर्यास्त के घंटों बाद देर रात तक भी देखने को मिल रहा है। ऐसे में हो सकता है आपके मन में भी प्रश्न हो कि आखिर रात में भी इतनी गर्मी (Warm Night) क्यों है? आखिर क्यों रात को भी दिल्ली-एनसीआर में किसी अवन की तरह गर्म है। चलिए जानते हैं -

तापमान लगातार 45 पार

राजधानी दिल्ली में लगातार दूसरे दिन अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज हुआ। हालांकि, दिन की झुलसाने वाली गर्मी से भी ज्यादा लोगों को रात की तपिश परेशान कर रही है। सूर्यास्त के बाद भी तापमान में जितनी गिरावट की उम्मीद की जाती है, उतनी हो नहीं रही। बाहर ही नहीं, घरों के अंदर भी गर्मी बनी हुई है।

UHI के प्रभाव में दिल्ली

मौसम के जानकारों के अनुसार दिल्ली में रात के समय भी गर्मी बने रहने की सबसे बड़ी वजह अर्बन हीट आइलैंड (Urban Heat Island - UHI) प्रभाव है। यह एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें बड़े शहर अपने आसपास के ग्रामीण इलाकों की तुलना में 1 से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक गर्म बने रहते हैं।

दिल्ली में रात को इतनी ज्यादा गर्मी का कारण

विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली में तेजी से बढ़ते कंक्रीट के जंगल (निर्माण कार्य), चौड़ी सड़कें, बहुमंजिला इमारतों और सड़क पर डामर की सतहों के कारण दिनभर सूर्य की गर्मी बड़ी मात्रा में अवशोषित होती है। ये तमाम संरचनाएं दिन में गर्मी को अपने अंदर जमा कर लेती हैं और रात के समय धीरे-धीरे उसे वापस वातावरण में छोड़ती रहती हैं। यही कारण है कि रात में भी हवा गर्म महसूस होती है और लोगों को राहत नहीं मिलती।

हरियाली की कमी के कारण गर्मी

स्थिति को और गंभीर बनाने में हरियाली की कमी भी अहम भूमिका निभा रही है। जिन क्षेत्रों में पेड़-पौधे और खुले हरे क्षेत्र कम हैं, वहां गर्मी ज्यादा समय तक बनी रहती है। पेड़ प्राकृतिक रूप से छाया देते हैं और वातावरण को ठंडा रखने में मदद करते हैं, लेकिन घनी आबादी वाले कई इलाकों में हरित क्षेत्र सीमित होते जा रहे हैं।

बिजली उपकरण भी बढ़ा रहे गर्मी

इसके अलावा गाड़ियों, एयर कंडीशनरों और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाली गर्मी भी शहर के तापमान को बढ़ाती है। दिनभर AC और बिजली के अन्य उपकरणों के उपयोग से निकलने वाली गर्मी रात के समय भी वातावरण को गर्म बनाए रखती हैं।

जानकारों का मानना है कि इस समस्या से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना की जरूरत है। शहर में ज्यादा हरित क्षेत्र विकसित करने, ‘कूल रूफ’ तकनीक अपनाने, बेहतर वेंटिलेशन वाले भवन निर्माण और पर्यावरण अनुकूल शहरी नियोजन को बढ़ावा देना होगा। साथ ही हीट एक्शन प्लान में रात के तापमान को भी शामिल करने की जरूरत है। जब तक ऐसे उपाय बड़े पैमाने पर लागू नहीं होंगे, तब तक दिल्लीवासियों को दिन के साथ ही रात में भी गर्मी की मार झेलने को मजबूर होना पड़ेगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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