Viral Sweets in Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, इसका फैसला तो आज ईवीएम (EVM) खुलने के बाद हो जाएगा, लेकिन कोलकाता के बाजार में चुनावी 'मिठास' की जंग शुरू हो चुकी है। मतदान खत्म होने के बाद अब सबकी नजरें नतीजों पर हैं, और बंगाल की संस्कृति में किसी भी जीत का जश्न बिना मिठाई के अधूरा है।
मतगणना आज: 'मोदीश्री' Vs 'जॉय बांग्ला'
कोलकाता की सड़कों पर आज केवल राजनीतिक चर्चा ही नहीं, बल्कि केसरिया और हरे रंग के रसगुल्लों की खुशबू भी तैर रही है। शहर की ऐतिहासिक मिठाई दुकानों, जैसे के.सी. दास और नबीन चंद्र दास, में हलवाइयों ने पूरी रात जागकर खास 'चुनावी मिठाइयां' तैयार की हैं।
मोदीश्री (Modishree): भाजपा समर्थकों के लिए केसर फ्लेवर वाली यह भगवा मिठाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित है।
जॉय बांग्ला (Joy Bangla): तृणमूल कांग्रेस के नारे से जुड़ी यह हरे रंग की मिठाई TMC कार्यकर्ताओं की पहली पसंद बनी हुई है।
लाल सलाम (Lal Salaam): वाम दलों के समर्थकों के लिए गुलाब के स्वाद वाली लाल मिठाई भी खास तौर पर तैयार की गई है।
दुकानदारों की 'स्मार्ट' रणनीति
दक्षिण कोलकाता के दुकानदारों ने एक दिलचस्प रणनीति अपनाई है। उन्होंने भारी मात्रा में सफेद रसगुल्ले बनाकर रखे हैं। जैसे-जैसे रुझान साफ होंगे, इन रसगुल्लों को विजेता पार्टी के रंग (केसरिया या हरा) में रंग दिया जाएगा। बलराम मलिक और राधारमन मलिक जैसी मशहूर दुकानों का कहना है कि यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि बंगाल में लोकतंत्र का जश्न मनाने का तरीका है।
वर्धमान से कोलकाता तक जश्न की तैयारी
न केवल कोलकाता, बल्कि वर्धमान और अन्य जिलों में भी इन मिठाइयों की भारी मांग है। सोमवार को राज्य के 77 केंद्रों पर 293 सीटों के लिए होने वाली मतगणना को लेकर सुरक्षा सख्त है, लेकिन मिठाई की दुकानों पर समर्थकों की भीड़ अभी से जुटने लगी है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि आज वही मिठाई ज्यादा बिकेगी, जिसका रंग चुनावी रुझानों में हावी रहेगा। अब देखना ये होगा कि राजनीतिक लड़ाई के तर्ज पर आज कौन सी मिठाई जंग जीतती है।
