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X अब बताएगा किस देश में और क्यों बैन की गई आपकी पोस्ट, Under the Hood टूल में बड़ा अपडेट

नया और विस्तारित Under the Hood टूल उन सभी अकाउंट्स के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है, जो इसकी तय पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। इस रिपोर्ट में अब पहले से मौजूद अकाउंट और पोस्ट लेबल की जानकारी के साथ-साथ यह भी बताया जाएगा कि किसी पोस्ट की विजिबिलिटी स्थानीय कानूनों का पालन करने के लिए सीमित की गई थी या नहीं।

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19 सितंबर को X Open Source ने दी जानकारी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने यूजर्स के लिए अपने ट्रांसपेरेंसी फीचर ‘Under the Hood’ को और ज्यादा जानकारी देने वाला बना दिया है। अब यूजर्स यह पता लगा सकेंगे कि उनकी किसी पोस्ट या अकाउंट की पहुंच अगर सीमित की गई है तो उसकी वजह क्या है। खास तौर पर अगर किसी देश के स्थानीय कानून का पालन करने के लिए किसी पोस्ट को वहां के यूजर्स से छिपाया गया है, तो X इसकी जानकारी भी देगा।

अब पता चलेगा किस देश में पोस्ट हुई प्रतिबंधित

X के नए अपडेट के बाद यूजर्स यह जांच सकेंगे कि उनकी कोई पोस्ट किसी खास देश में कानूनी मांग के चलते रोकी गई है या नहीं। रिपोर्ट में संबंधित देश की जानकारी भी दी जाएगी। यानी अगर कोई पोस्ट भारत में दिखाई दे रही है, लेकिन किसी दूसरे देश में स्थानीय कानून के कारण उसे नहीं दिखाया जा रहा है, तो यूजर इस अंतर को Under the Hood रिपोर्ट के जरिए समझ सकेगा।

यह फीचर खास तौर पर उन यूजर्स के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्हें लगता है कि उनकी पोस्ट की पहुंच अचानक कम हो गई है। सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी स्थिति को ‘शैडो बैन’ कहा जाता है, हालांकि किसी पोस्ट की कम पहुंच के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। X का नया टूल यूजर्स को कम से कम यह देखने का एक तरीका देता है कि उनके अकाउंट या पोस्ट पर कोई औपचारिक विजिबिलिटी लिमिटेशन लगाया गया है या नहीं।

19 सितंबर को X Open Source ने दी जानकारी

इस अपडेट की जानकारी X Open Source ने 19 सितंबर को साझा की। कंपनी के मुताबिक, नया और विस्तारित Under the Hood टूल उन सभी अकाउंट्स के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है, जो इसकी तय पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। इस रिपोर्ट में अब पहले से मौजूद अकाउंट और पोस्ट लेबल की जानकारी के साथ-साथ यह भी बताया जाएगा कि किसी पोस्ट की विजिबिलिटी स्थानीय कानूनों का पालन करने के लिए सीमित की गई थी या नहीं।

क्या है X का Under the Hood टूल?

X ने Under the Hood फीचर अगस्त 2026 में अपनी ट्रांसपेरेंसी पहल के तहत पेश किया था। 13 अगस्त को इसकी घोषणा की गई थी। यह फीचर योग्य यूजर्स को पिछले महीने के दौरान उनके अकाउंट और पोस्ट पर लगाए गए लेबल की रिपोर्ट डाउनलोड करने की सुविधा देता है।

अब इस रिपोर्ट में लोकल लॉ के कारण लगाए गए प्रतिबंधों की जानकारी भी शामिल होगी। अगर किसी कानूनी मांग के बाद किसी खास देश में किसी पोस्ट को रोक दिया गया है, तो रिपोर्ट में उस देश की जानकारी दिखाई जा सकती है।

Under the Hood रिपोर्ट कैसे डाउनलोड करें?

वेब यूजर्स X के Under the Hood पेज पर जाकर रिपोर्ट एक्सेस कर सकते हैं। ऐप पर इसके लिए प्रोफाइल आइकन पर टैप करें और Settings and privacy में जाएं। इसके बाद Your account और फिर Under the Hood विकल्प को चुनना होगा।

हालांकि, हर अकाउंट को यह रिपोर्ट डाउनलोड करने की सुविधा नहीं मिलेगी। X के मुताबिक, इसके लिए अकाउंट कम से कम एक साल पुराना होना चाहिए। इसके अलावा पिछले महीने में अकाउंट से कम से कम 10 पोस्ट प्रकाशित की गई होनी चाहिए।

पात्र यूजर्स रिपोर्ट को JSON फाइल के रूप में डाउनलोड कर सकते हैं। यह एक मशीन-रीडेबल फॉर्मेट है। यूजर इसे संबंधित सॉफ्टवेयर से खोल सकता है या किसी AI चैटबॉट की मदद से रिपोर्ट में मौजूद जानकारी को समझ सकता है।

क्या सरकार किसी देश में X पोस्ट को छिपवा सकती है?

हां, कुछ परिस्थितियों में किसी पोस्ट को किसी खास देश में रोका जा सकता है। अगर X को किसी कानूनी मांग का पालन करना जरूरी हो, तो प्लेटफॉर्म किसी पोस्ट की उपलब्धता को उस देश तक सीमित कर सकता है। इसका मतलब है कि एक ही पोस्ट किसी देश में सामान्य रूप से दिखाई दे सकती है, जबकि दूसरे देश में यूजर्स उसे नहीं देख पाएंगे। नए Under the Hood अपडेट का उद्देश्य ऐसी स्थिति के बारे में यूजर को ज्यादा स्पष्ट जानकारी देना है।

किन मामलों में पोस्ट पर लग सकता है प्रतिबंध?

किसी पोस्ट को स्थानीय कानूनों के तहत प्रतिबंधित करने की वजह अलग-अलग हो सकती है। इसमें कथित तौर पर हेट स्पीच, आतंकवाद से संबंधित सामग्री या अन्य संवेदनशील कंटेंट जैसे मामले शामिल हो सकते हैं। हालांकि, X की इस घोषणा में किसी खास पोस्ट पर की गई कानूनी कार्रवाई के उदाहरण या प्रत्येक प्रतिबंध के पीछे मौजूद कानूनी आधार का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

कंपनी का नया फीचर मुख्य रूप से पारदर्शिता बढ़ाने पर केंद्रित है। इससे यूजर्स को यह समझने में मदद मिल सकती है कि किसी पोस्ट की विजिबिलिटी में बदलाव प्लेटफॉर्म के स्तर पर हुआ है या किसी देश के स्थानीय कानूनों का पालन करने के कारण।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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