इतनी बड़ी नाक वाला बंदर नहीं देखा होगा! पानी में तैरने का खूब शौक, धरती पर बेहद दुर्लभ है यह जानवर

इस धरती पर तरह-तरह के कई जानवर रहते हैं। इनमें से तो कुछ ऐसे होते हैं, जिन्हें देख लोगों की हैरानी का कोई ठिकाना नहीं होता। आज हम आपको एक ऐसे ही जानवर के बारे में बताएंगे, जिसे शायद ही आपने पहले कभी देखा होगा। यूं तो यह जानवर एक बंदर है लेकिन यह कोई आम बंदर नहीं। यह बंदर दूसरों से काफी अलग है। अगर आपने किसी बंदर को देखा हो तो आप पाएंगे कि उनकी नाक बहुत ही छोटी और चपटी होती है लेकिन यह बंदर अपनी बड़ी नाक की वजह से ही पूरी दुनिया में मशहूर है।

Authored by: Pankaj YadavUpdated Sep 22 2026, 12:57 IST
बंदरों की एक खास प्रजाति01 / 10

बंदरों की एक खास प्रजाति

दुनिया में बंदरों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन कुछ बंदर ऐसे हैं जिन्हें देखकर लोग पहली नजर में हैरान रह जाते हैं। ऐसा ही एक अनोखे बंदर के बारे में आज हम आपको बताएंगे। जो अपनी बड़ी और अजीब दिखने वाली नाक के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।

क्या है इस बंदर का नाम?Image Credit : IStock02 / 10

क्या है इस बंदर का नाम?

हम जिस बंदर की बात कर रहे हैं, उसका नाम नाक वाला बंदर यानी प्रोबोसिस मंकी (Proboscis Monkey) है। इस बंदर की सबसे खास पहचान इसकी बड़ी और लटकती हुई नाक है। खासकर नर बंदरों की नाक इतनी बड़ी होती है कि यह उनके मुंह के नीचे तक लटकती दिखाई देती है।

लंबी और बड़ी नाक है इनकी पहचानImage Credit : IStock03 / 10

लंबी और बड़ी नाक है इनकी पहचान

इन बंदरों में सबसे खास बात तो यह है कि इनमें जिसकी जितनी बड़ी नाक होगी वह उतना ही खास होगा। इतना ही नहीं यह बंदर देखने में जितना अनोखा है, उतना ही अपनी तैराकी, छलांग और पेड़ों पर रहने की आदतों के कारण दिलचस्प भी है।

दुनिया में सिर्फ एक जगह पाया जाता है यह बंदरImage Credit : IStock04 / 10

दुनिया में सिर्फ एक जगह पाया जाता है यह बंदर

प्रोबोसिस मंकी दुनिया के हर जंगल में नहीं मिलता। यह केवल बोर्नियो द्वीप पर पाया जाता है, जो इंडोनेशिया, मलेशिया और ब्रुनेई के हिस्सों में बंटा हुआ है। इसका घर आमतौर पर नदियों के किनारे मौजूद जंगल, दलदली इलाके और मैंग्रोव वन होते हैं।

इस बंदर को पानी से है बहुत ही ज्यादा लगाव Image Credit : IStock05 / 10

इस बंदर को पानी से है बहुत ही ज्यादा लगाव

जहां दूसरे बंदर पानी को देखते ही दूर भागते हैं, वहीं इस बंदर को पानी के आसपास रहना इतना पसंद है कि यह अक्सर नदी या किसी जलस्रोत से ज्यादा दूर नहीं जाता। पेड़ों पर रहने के बावजूद इसका जीवन पानी से काफी गहराई से जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि इसे बंदरों की दुनिया का बेहतरीन तैराक भी माना जाता है।

नाक सिर्फ दिखावे के लिए नहीं हैImage Credit : IStock06 / 10

नाक सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है

अब सवाल उठता है कि आखिर इस बंदर की नाक इतनी बड़ी क्यों होती है? दरअसल, बड़ी नाक नर बंदरों की आवाज को खास बनाने में मदद करती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इसकी नाक आवाज को गूंज देने वाले एक कक्ष की तरह काम कर सकती है, जिससे नर बंदर की आवाज ज्यादा गहरी और प्रभावशाली सुनाई देती है।

नर की तुलना में मादा की नाक छोटीImage Credit : IStock07 / 10

नर की तुलना में मादा की नाक छोटी

नर बंदर अपनी आवाज का इस्तेमाल दूसरे बंदरों को संकेत देने, समूह के साथ संपर्क बनाए रखने और प्रतिद्वंद्वी नर को प्रभावित करने के लिए कर सकते हैं। बड़ी नाक इनके लिए आकर्षण का एक हिस्सा भी मानी जाती है। वहीं, मादा बंदरों की नाक नर की तुलना में काफी छोटी होती है।

पानी में लगाता है जबरदस्त छलांगImage Credit : IStock08 / 10

पानी में लगाता है जबरदस्त छलांग

प्रोबोसिस मंकी की सबसे रोमांचक आदतों में से एक है पेड़ से सीधे पानी में छलांग लगाना। कई बार यह बंदर पेड़ की ऊंची शाखाओं से नदी में कूदता है और फिर तैरकर दूसरी तरफ पहुंच जाता है। इसके हाथों और पैरों की उंगलियों के बीच आंशिक झिल्ली होती है, जो इसे पानी में तैरने में मदद करती है। यह बंदर जरूरत पड़ने पर पानी के अंदर भी तैर सकता है। पानी में जाने की आदत इसे शिकारियों से बचने और नदियों को पार करने में मदद करती है।

पेट निकला हुआ क्यों दिखता है?Image Credit : IStock09 / 10

पेट निकला हुआ क्यों दिखता है?

इस बंदर का पेट भी इसकी पहचान का एक अनोखा हिस्सा है। इसका पेट अक्सर बड़ा और बाहर निकला हुआ दिखाई देता है। इसकी वजह इसका विशेष पाचन तंत्र है, जो पत्तियों और दूसरे पौधों से मिलने वाले भोजन को पचाने में मदद करता है। प्रोबोसिस मंकी मुख्य रूप से पत्तियां, बीज और कच्चे फल खाता है। इसके पेट में मौजूद सूक्ष्म जीव पौधों में पाए जाने वाले रेशों को तोड़ने में मदद करते हैं इसलिए इसका भोजन और पाचन तंत्र इसके शरीर की बनावट से जुड़ा हुआ है।

धरती पर तेजी से घट रही है इनकी संख्याImage Credit : IStock10 / 10

धरती पर तेजी से घट रही है इनकी संख्या

इतना अनोखा होने के बावजूद प्रोबोसिस मंकी सुरक्षित नहीं है। इसे विलुप्त होने के खतरे वाली प्रजाति की श्रेणी (Endangered) में रखा गया है। इसके सामने सबसे बड़ी चुनौती जंगलों का खत्म होना है। बोर्नियो में जंगलों की कटाई, खेती, तेल पाम के बागानों का विस्तार और दूसरे मानवीय कामों के कारण इनका प्राकृतिक आवास कम हो रहा है। जब नदियों और जंगलों के आसपास का इलाका नष्ट होता है, तो इन बंदरों के लिए भोजन, रहने और सुरक्षित तरीके से घूमने की जगह भी कम हो जाती है।

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