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तप रहे देश पर आज मेहरबान होंगे बादल, दिल्ली समेत 13 राज्यों में 50KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; IMD का अलर्ट

Weather Update Today 28 April: देश के 13 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट। दिल्ली-NCR में 29 अप्रैल को बारिश की पीली चेतावनी। बिहार के 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जानें आज कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम।

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कई राज्यों में आज आंधी-बारिश की संभावना

Photo : Times Now Digital

Aaj Ka Mausam: भीषण गर्मी की मार झेल रहे उत्तर और मध्य भारत के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 13 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से भट्टी की तरह तप रही दिल्ली और उत्तर प्रदेश के इलाकों में अगले 48 घंटों के भीतर मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

दिल्ली-NCR: गर्मी से मिलेगी राहत, 'येलो चेतावनी' जारी

राजधानी दिल्ली में 29 अप्रैल के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण आज दोपहर या शाम से बादल छा सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। तापमान की बात करें तो आज अधिकतम तापमान 40°C से 42°C के बीच रहेगा, लेकिन बारिश के बाद इसमें 2-3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। आज भी 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश: 70KM की रफ्तार से आएगी आंधी (UP Weather Today)

यूपी के कई जिलों जैसे मेरठ, सहारनपुर, लखनऊ और कानपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है। लखनऊ में पारा 41 डिग्री तक रहने का अनुमान है, लेकिन शाम तक मौसम बदल सकता है।

बिहार: 13 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' (Bihar Weather Today)

बिहार में मौसम के दो रंग दिख रहे हैं। उत्तर बिहार (किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और सुपौल) में ओलावृष्टि और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट है। यहां 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। वहीं, गया और औरंगाबाद जैसे दक्षिणी जिलों में पारा 44°C तक पहुंच सकता है, जिससे लू (Heatwave) का असर बना रहेगा।

राजस्थान और मध्य प्रदेश का हाल (Rajastan MP Weather Today)

राजस्थान में जयपुर, अलवर और बीकानेर समेत कई जिलों में धूल भरी आंधी और छिटपुट ओलावृष्टि की संभावना है। 30 अप्रैल तक यहां बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। मध्य प्रदेश के मौसम की बात करें तो भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा। भोपाल में पारा 42 डिग्री तक जा सकता है, हालांकि कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और दक्षिण में बारिश (Uttarakhand Himachal Kerala Tamil Nadu Weather Alert)

उत्तराखंड और हिमाचल में आज झमाझम बरसात होने वाली है। IMD ने चमोली, नैनीताल और शिमला जैसे इलाकों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है। मनाली में न्यूनतम तापमान -1°C तक गिर सकता है। वहीं दक्षिण भारतीय इलाकों की बात करें तो तमिलनाडु और केरल में अगले 3 दिनों तक भारी बारिश का अनुमान है। नीलगिरि और कोयंबटूर में 1-2 मई को विशेष चेतावनी जारी की गई है।

क्या होता है अल नीनो? (What is El Nino in Hindi)

आज कल आप एक नाम अक्सर सुनते होंगे, अल नीनो। यही है भारत में फिलहाल पड़ रही बेतहाशा गर्मी का कारण। आइे जानते हैं ये क्या है। अल नीनो और ला नीना प्रशांत महासागर के तापमान में होने वाले वे महत्वपूर्ण बदलाव हैं, जो वैश्विक स्तर पर मौसम के चक्र को प्रभावित करते हैं। आसान शब्दों में समझा जाए तो अल नीनो वह स्थिति है जब समुद्र का पानी सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। इसका सीधा नकारात्मक असर भारत जैसे कृषि प्रधान देशों के मानसून पर पड़ता है, जिससे बारिश कम होती है और भीषण गर्मी या सूखे की गंभीर स्थिति पैदा होने लगती है। इसके विपरीत, ला नीना के दौरान समुद्र का पानी सामान्य से अधिक ठंडा हो जाता है, जो भारत में भरपूर बारिश और कड़ाके की ठंड का संदेश लेकर आता है। इस प्रकार अल नीनो सूखे और तपिश का प्रतीक है, जबकि ला नीना बेहतर मानसून और शीत लहर का कारण बनता है।

हिमालय में पिघल रही बर्फ

दूसरी ओर, हिमालयी क्षेत्र में बर्फ के घटते भंडार ने भविष्य के लिए एक बड़े जल संकट की आहट दे दी है। ICIMOD की 'स्नो अपडेट 2026' रिपोर्ट के अनुसार, हिंदूकुश हिमालयी क्षेत्र में बर्फ टिकने की अवधि (Snow Persistence) लगातार चौथे वर्ष रिकॉर्ड स्तर तक गिर गई है। इस वर्ष बर्फ का जमाव सामान्य औसत से 27.8% कम रहा है, जो पिछले दो दशकों का सबसे निचला स्तर है। यह स्थिति इसलिए चिंताजनक है क्योंकि हिमालय की बर्फ एशिया की 12 प्रमुख नदियों का प्राथमिक स्रोत है, जो लगभग 200 करोड़ लोगों की जीवन रेखा मानी जाती हैं। बर्फ के गलने का सीधा नतीजा गंगा, सिंधु और ब्रह्मपुत्र जैसी बड़ी नदियों के जलस्तर में गिरावट के रूप में सामने आएगा। इन नदियों में पानी कम होने से न केवल करोड़ों लोगों के सामने पीने के पानी की समस्या खड़ी होगी, बल्कि सिंचाई पर निर्भर खेती और जल विद्युत परियोजनाओं (Hydropower) पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बर्फ के जमाव का यह संकट इसी तरह जारी रहा, तो यह पूरे महाद्वीप की खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा उत्पादन को संकट में डाल सकता है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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