Varanasi News: देश भर में धर्म और संस्कृति के लिए वाराणसी प्रसिद्ध है। देश भर से लोग यहां नए साल के पहले दिन पूजा करने के लिए पहुंचते हैं। बाबा विश्वनाथ धाम में पूजा करने वालों की भारी भीड़ उमड़ती है। दरअसल, यहां ज्योतिर्लिंग है, जिसकी लोगों की गहरी आस्था है। नव वर्ष पर लोगों की उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर पुलिस बलों की तैनाती का इंतजाम किया जा रहा है। गोदौलिया से मैदागिन तक जगह-जगह पुलिस बल तैनात होंगे। सुबह 4 बजे से श्रद्धालुओं का मंदिर में प्रवेश शुरू हो जाएगा। मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि पहली जनवरी को लगभग 3 लाख लोग पूजा करने आते हैं। एक जनवरी 2022 को पांच लाख लोग यहां आए थे।
बाबा विश्वनाथ के अलावा विंध्याचल में पूजा करने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। माता दुर्गा की पूजा-अर्चना के लिए यहां करीब 50-60 हजार श्रद्धालु पहुंचते हैं। माता दुर्गा का यह मंदिर सिद्ध शक्तिपीठ होने की वजह से उत्तर भारत में काफी प्रसिद्ध है। यहां उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड से भी लोग पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं।
कालभैरव मंदिर और संकटमोचन मंदिर में होती है विशेष पूजा
बाबा विश्वनाथ मंदिर, विंध्यांचल के अलावा कालभैरव मंदिर और संकटमोचन मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा करने पहुंचते हैं। बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर से भी लोगों की गहरी आस्था जुड़ी है। यहां 10 हजार से अधिक लोग पूजा करने के लिए आते हैं। शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर भी काफी प्रसिद्ध है। इस मंदिर की भी काफी मान्यता है।
सारनाथ भी पहुंचते हैं काफी श्रद्धालु
भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ में भी काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं। यहां ज्यादातर युवा पहुंचते हैं। इस दिन लोग भगवान बुद्ध के उपदेश को पढ़ने और उसे आत्मसात करने के लिए आते हैं। वाराणसी मुख्य शहर से सारनाथ की दूरी 9.5 किलोमीटर है। यहां आप ऑटो, निजी बस, निजी वाहन आदि से पहुंच सकते हैं।
बड़ा गणेश मंदिर और चिंतामणि मंदिर से भी आस्था
वाराणसी शहर के दो गणेश मंदिरों में साल के पहले दिन जबरदस्त भीड़ उमड़ती है। लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर और चिंतामणि गणेश मंदिर में हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं। यह सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार लग जाती है। यहां विदेशी सैलानी भी भगवान गणेश की पूजा करते हैं।
