वाराणसी

काशी में साहित्य, संगीत और संस्कृति का अनोखा संगम; 7 से 9 मार्च तक चलेगा महोत्सव; शोभा बढ़ाएंगी नामी हस्तियां

Banaras Literature and Art Festival 2025: दुनिया के सबसे प्रचीन शहर के नाम से प्रसिद्ध वाराणसी में एक बार फिर बनारस लिटरेचर और आर्ट फेस्टिवल का आयोजन हो रहा है। ये महोत्सव 7 से 9 मार्च तक आयोजित होगा। इस दौरान यहां साहित्यकारों-बुद्धिजीवियों समेत कई नामी हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।

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वाराणसी में साहित्य, संगीत और संस्कृति का महोत्सव।

वाराणसी एक बार फिर बनारस लिटरेचर और आर्ट फेस्टिवल के तीसरे संस्करण की मेजबानी के लिए तैयार है। यह भव्य आयोजन 7 से 9 मार्च 2025 के बीच ताज गंगेज, बनारस में आयोजित किया जाएगा। आयोजन समिति के अध्यक्ष दीपक माधोक के अनुसार, इस उत्सव का उद्घाटन 7 मार्च को दोपहर 12 बजे किया जाएगा। मुख्य अतिथि असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य होंगे, और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह भी इस अवसर की शोभा बढ़ाएंगे।

काशी में साहित्य, संगीत और संस्कृति का महोत्सव

वाराणसी – काशी – बनारस प्राचीनकाल से कला, साहित्य और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रहा है। यह शहर संत कबीर और मुंशी प्रेमचंद से लेकर उस्ताद बिस्मिल्लाह खां और पंडित रविशंकर जैसे महान संगीतज्ञों तथा सितारा देवी जैसी क्लासिकल डांस हस्तियों की कर्मभूमि रहा है। यह महोत्सव वाराणसी की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को समर्पित एक श्रद्धांजलि है।

महोत्सव में प्रख्यात लेखकों का सम्मान किया जाएगा

तीसरे संस्करण में यह उत्सव कलाकारों, साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। इस दौरान प्रख्यात लेखकों का सम्मान किया जाएगा, और 500 से अधिक लेखक, प्रकाशक और कवि इस आयोजन में शामिल होने की संभावना है। इस महोत्सव की शोभा बढ़ाने के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी, चर्चित लेखक अमीश त्रिपाठी, प्रसिद्ध फिल्म एवं रंगमंच कलाकार अमोल पालेकर, लोक गायिका मालिनी अवस्थी, साहित्यकार करण माधोक, कहानीकार नीलेश मिश्रा और फिल्म अभिनेत्री एवं गायिका इला अरुण जैसी हस्तियां उपस्थित रहेंगी।

जो लोग साहित्य और कला के इस अद्वितीय संगम का हिस्सा बनना चाहते हैं, वे 7 से 9 मार्च 2025 के लिए अपने कैलेंडर में तारीख सेव कर लें। काशी में साहित्य, संगीत और संस्कृति का महोत्सव का आयोजन स्थल – ताज गंगेज, बनारस है।

नीचे देखें कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल

7 मार्च, 2025 का कार्यक्रम

7 March

7 मार्च, 2025 का शेड्यूल

8 मार्च, 2025 का कार्यक्रम

8 March

8 मार्च, 2025 का शेड्यूल

9 मार्च, 2025 का कार्यक्रम

9 March

9 मार्च, 2025 का शेड्यूल

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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