Uttarakhand: उत्तराखंड के उत्तराकाशी जिले में उच्च हिमालय क्षेत्र की ट्रैकिंग पर गए पर्वतारोहियों का एक दल खराब मौसम में रास्ता भटक गया। जिस दौरान ठंड लगने से चार सदस्यों की मौत हो गई। वहीं 18 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। इस दल को सात जून तक वापिस लौटना था। लेकिन मौसम खराब होने से ये लोग रास्ता भटक गए, जिनमें चार की जान चली गई और 18 सदस्य अभी भी फंसे हुए हैं। हालांकि, जानकारी मिलते ही पर्वतारोहियों को बाहर निकालने के लिए जमीनी और हवाई बचाव अभियान शुरू कर दिए गए हैं। इसके लिए मातली और हरसिल सहित दूसरे हेलीपैड पर भी जरूरी इंतजाम कर उनकी खोज की जा रही है। साथ ही आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और वन विभाग की बचाव टीम भी अलग-अलग दिशाओं से घटनास्थल की ओर रवाना हो गई हैं।
बचाव के लिए किए गए जरूरी इंतजाम
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट ने इस बारे में बताया कि पर्वतारोहियों को बाहर निकालने के लिए जमीनी और हवाई बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। करीब 4100 से 4400 मीटर की उंचाई पर स्थित मल्ला-सिल्ला-कुशकल्याण-सहस्त्रताल ट्रैक पर फंसे पर्वतारोहियों की तलाश और बचाव के इंतजाम किए गए हैं। वहीं मृत पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए वायु सेना से भी अनुरोध किया गया है। इसके लिए मातली और हरसिल सहित अन्य हेलीपैड पर भी आवश्यक इंतजाम कर लिए गए हैं।
वन विभाग की बचाव टीम भी पहुंची
बिष्ट ने आगे बताया कि इसके अलावा, जमीनी अभियान के तहत राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और वन विभाग की बचाव टीम को अलग-अलग दिशाओं से घटनास्थल की ओर रवाना कर दी गयी हैं। वन विभाग की दस सदस्यों की रेकी और बचाव टीम सिल्ला गांव से आगे पहुंच चुकी है, जबकि जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से एसडीआरएफ का दल तड़के टिहरी जिले के बूढ़ाकेदार की तरफ से रवाना हुआ है।
हेलिकॉप्टर से एरियल रैकी की ओर रवाना
खोज और बचाव अभियान के पर्यवेक्षण और अलग-अलग एजेंसियों के साथ समन्वय में जुटे उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि एसडीआरएफ का पर्वतारोही दल भी जल्द ही देहरादून से हेलिकॉप्टर से एरियल रैकी की ओर रवाना कर दिए गए हैं। इसके साथ ही जिला अस्पताल उत्तरकाशी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भटवाड़ी को अलर्ट पर रखा गया है।
एम्बुलेंस और पुलिस टीम मौके पर तैनात
भारत तिब्बती सीमा पुलिस मातली में भी 14 बचाव कर्मी और एक चिकित्सक को भी भेजा गया है। यदुवंशी ने बताया कि टिहरी जिला प्रशासन द्वारा भी अरदंगी हैलीपेड को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जहां एम्बुलेंस, लोक निर्माण विभाग तथा पुलिस की टीम तैनात की गई है। खोज बचाव हेतु टिहरी से भी वन विभाग, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय लोगों की एक टीम मौके के लिए रवाना की जा रही है।
मंगलवार को मिली जानकारी
यह टीम घनसाली के पिंस्वाड से पैदल रवाना होगी। ट्रेकिंग रूट टिहरी जिले की सीमा पर स्थित है। जिलाधिकारी बिष्ट ने बताया कि मंगलवार शाम को मिली सूचना के अनुसार, हिमालयन व्यू ट्रैकिंग एजेंसी, मनेरी का 22 सदस्यीय पर्वतारोही दल 29 मई को उत्तरकाशी से 35 किलोमीटर लंबे ट्रैक के लिए रवाना हुआ थे, जिसमें कनार्टक के 18 और महाराष्ट्र के एक पर्वतारोही और तीन स्थानीय गाइड शामिल थे। संबंधित ट्रैकिंग एजेंसी द्वारा खोजबीन करने पर दल के चार सदस्यों की मृत्यु होने और अन्य के फंसे होने का पता चला ।
