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समर वेकेशन में भी काम करेंगे यूपी के शिक्षक, जनगणना में लगी ड्यूटी

उत्तर प्रदेश में गर्मी की छुट्टियों में इस बार बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना और परीक्षाओं से जुड़े कार्यों में लगाई गई है। इसी वजह से इस बार परिषदीय स्कूलों में समर कैंप भी नहीं आयोजित होंगे। साथ ही शिक्षकों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे शिक्षक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

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जनगणना और परीक्षाओं में व्यस्त रहेंगे यूपी के शिक्षक, इस बार नहीं लगेंगे समर कैंप

उत्तर प्रदेश के परिषदीय और माध्यमिक स्कूलों में इस बार गर्मी की छुट्टियां टीचरों के लिए पूरी तरह आराम वाली नहीं होंगी। सरकार की ओर से ग्रीष्मकालीन अवकाश का ऐलान तो कर दिया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना और परीक्षाओं से जुड़े कार्यों में लगाई गई है। ऐसे में शिक्षकों को छुट्टी के दौरान भी काम करना पड़ेगा। इसी कारण परिषदीय विद्यालयों में इस बार समर कैंप का आयोजन भी नहीं किया जाएगा।

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की गर्मी की छुट्टी कब से है?

बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में 20 मई से 15 जून तक गर्मी की छुट्टियां घोषित की गई हैं। वहीं माध्यमिक स्कूलों में 21 मई से 30 जून तक अवकाश रहेगा। हालांकि छुट्टियों के बावजूद शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे मुख्यालय छोड़कर बाहर न जाएं। दरअसल, यूपी में 22 मई से 20 जून तक जनगणना का पहला चरण शुरू हो रहा है। इसके लिए पांच लाख से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें बड़ी संख्या टीचरों की है। कई शिक्षकों को जनगणना के साथ ही विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े कामों की जिम्मेदारी भी दी गई है।

यूपी के स्कूलों में इस बार नहीं लगेंगे समर कैंप

इस बार परिषदीय स्कूलों में समर कैंप नहीं आयोजित किए जाने के पीछे की वजह भी यही बताई जा रही है। पिछले साल गर्मी की छुट्टियों में बच्चों के लिए खेल, कला, संगीत और कई गतिविधि आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। लेकिन इस बार भीषण गर्मी और जनगणना कार्य को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने समर कैंप कैंसिल करने का फैसला लिया है। वहीं मुख्यालय नहीं छोड़ने के आदेश को लेकर शिक्षक संगठनों के बीच नाराजगी बढ़ गई है। कई संगठनों का कहना है कि छुट्टियों में लगातार सरकारी ड्यूटी लेने से शिक्षकों को आराम का समय नहीं मिल पा रहा। उन्होंने मांग की है कि छुट्टियों में काम कराने के बदले शिक्षकों को अर्जित अवकाश दिया जाए।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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