Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ईंधन चोरी, मिलावटखोरी और उसकी कालाबाजारी के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। लखनऊ क्राइम ब्रांच ने 'ऑपरेशन इथेनॉल शील्ड' के तहत एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह तेल के टैंकरों से पेट्रोल और डीजल चुराकर उसमें खतरनाक सॉल्वेंट मिलाता था और फिर उसे अवैध रूप से बाजार में बेच देता था।
मामले की जानकारी देते हुए ADCP क्राइम किरण यादव ने बताया कि 12 जुलाई को क्राइम ब्रांच की टीम ने इस संगठित गिरोह के खिलाफ जाल बिछाकर यह बड़ी कार्रवाई की।
टैंकरों से चोरी और सॉल्वेंट का खेल
पुलिस जांच में इस गिरोह के काम करने के तौर-तरीकों का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। गिरोह के सदस्य रिफाइनरी या डिपो से निकलने वाले तेल टैंकरों के चालकों से सांठगांठ कर या अन्य तरीकों से चुपके से पेट्रोल और डीजल निकाल लेते थे। फिर चोरी किए गए इस ईंधन को एक गुप्त ठिकाने पर अवैध रूप से स्टोर किया जाता था। इसके बाद मुनाफे को कई गुना बढ़ाने के लिए असली पेट्रोल-डीजल में भारी मात्रा में रासायनिक सॉल्वेंट मिलाया जाता था। मिलावट के बाद इस नकली और मिलावटी ईंधन को ऊंचे दामों पर कालाबाजारी के जरिए खपाया जा रहा था।
भारी मात्रा में मिलावटी ईंधन जब्त
क्राइम ब्रांच ने छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में शुद्ध पेट्रोल, डीजल, मिलावटी ईंधन और बड़ी तादाद में मिलावट के लिए रखे गए सॉल्वेंट्स बरामद किए हैं। इसके अलावा तेल निकालने और मापने में इस्तेमाल होने वाले कई अवैध उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने बताया कि लखनऊ क्राइम ब्रांच ने 'ऑपरेशन इथेनॉल शील्ड' के तहत ईंधन चोरी और मिलावट करने वाले एक सक्रिय गैंग के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की है। इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
