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इस्तीफा, बयान और बवाल... PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री सस्पेंड; यूपी सरकार ने शामली DM से किया अटैच

उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से 26 जनवरी को इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है। अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया है और उन्हें शामली के जिला मजिस्ट्रेट से संबद्ध कर दिया है। अग्निहोत्री ने इस्तीफे के बाद गंभीर आरोप लगाए थे।

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सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देना पड़ा भारी

Photo : ANI

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट रहे अलंकार अग्निहोत्री को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उस समय की गई है जब उन्होंने सरकारी नीतियों, खासकर नए यूजीसी नियमों के विरोध में पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। इस फैसले ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।

शमली डीएम कार्यालय से अटैच किए गए अग्निहोत्री

सोमवार देर रात जारी आदेश के अनुसार, अलंकार अग्निहोत्री को शमली के जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। राज्य सरकार के नियुक्ति अनुभाग-7 की विशेष सचिव अन्नपूर्णा गर्ग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया अग्निहोत्री का आचरण अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है, जिसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

विभागीय जांच शुरू, मंडलायुक्त होंगे जांच अधिकारी

सरकारी आदेश में बताया गया है कि अग्निहोत्री के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। बरेली के मंडलायुक्त बी.एस. चौधरी को इस मामले में एक्स-ऑफिशियो जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही, अलग से आरोप पत्र भी जारी किया जाएगा। जांच पूरी होने तक अग्निहोत्री शमली डीएम कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।

गणतंत्र दिवस पर भेजा था इस्तीफा

2019 बैच के प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी को ई-मेल के जरिए अपना इस्तीफा भेजा था। उन्होंने यह इस्तीफा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को भेजा था। अपने इस्तीफे के साथ जारी बयान में अग्निहोत्री ने 13 जनवरी 2026 को जारी यूजीसी के नए नियमों को “काला कानून” करार दिया था। उन्होंने दावा किया था कि ये नियम कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक माहौल को नुकसान पहुंचा रहे हैं और जातिगत तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने इन नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग भी की थी।

माघ मेले को लेकर लगाए थे आरोप

अग्निहोत्री ने अपने बयान में केंद्र और राज्य सरकार पर ब्राह्मण समाज के कथित अपमान का आरोप लगाया था। उन्होंने प्रयागराज के माघ मेले से जुड़े एक कथित घटनाक्रम का भी उल्लेख किया और ब्राह्मण समुदाय के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से पद छोड़कर समाज के साथ खड़े होने की अपील की थी। उनका कहना था कि सामान्य वर्ग लगातार सरकारों से खुद को अलग महसूस कर रहा है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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