Delhi News: दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त बनाने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को ओखला लैंडफिल साइट से वर्चुअल माध्यम के जरिए ओखला, सिंघोला और गाजीपुर में नए कचरा निस्तारण संयंत्रों का शिलान्यास किया। इसके साथ ही गाजीपुर में 300 टन प्रतिदिन क्षमता वाले बायोगैस प्लांट की भी आधारशिला रखी गई।
ओखला से गाजीपुर तक नए कचरा प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किए जाएंगे
सरकार के मुताबिक, ओखला में 1400 टन प्रतिदिन, सिंघोला में 700 टन प्रतिदिन और गाजीपुर में 800 टन प्रतिदिन क्षमता वाले नए कचरा प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रोजाना निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना और नए कूड़े के पहाड़ बनने से रोकना है।
भविष्य में लैंडफिल साइटों पर कचरे का ढेर न लगे
ओखला लैंडफिल साइट का निरीक्षण करने पहुंचीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों के साथ कचरा निस्तारण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ पुराने कूड़े को हटाना नहीं, बल्कि नए कचरे को भी वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करना है ताकि भविष्य में लैंडफिल साइटों पर कचरे का ढेर न लगे।
अब तक 217.17 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया गया
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले करीब डेढ़ वर्षों में ओखला, गाजीपुर और भलस्वा लैंडफिल साइटों से 217.17 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया गया है, जिससे लगभग 100 एकड़ जमीन खाली हुई है। उन्होंने कहा कि नए प्लांट शुरू होने के बाद कचरे के प्रसंस्करण की क्षमता और बढ़ेगी।
मुबारकपुर में नए मातृत्व एवं शिशु केंद्र की जनता को सौगात
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कोटला मुबारकपुर में बने नए मातृत्व एवं शिशु केंद्र को भी वर्चुअल माध्यम से जनता को समर्पित किया। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद और महापौर प्रवेश वाही ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और दिल्ली में कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
