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Ujjain Borewell Accident: 23 घंटे की मशक्कत के बाद भी नहीं बचा भागीरथ, मायूसी के साथ बोरवेल रेस्क्यू कंपलीट

मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में बोरवेल में गिरे ढाई वर्षीय भागीरथ ने दम तोड़ दिया। बच्चा करीब 60 से 65 फुट की गहराई में फंसा हुआ था और लगभग 40 फुट तक खुदाई करने के बाद चट्टान आ गई।

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उज्जैन में बोरवेल में गिरे भागीरथ को निकाला गया, चिकित्सकों ने मृत घोषित किया

उज्जैन : मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में बडनगर तहसील स्थित एक गांव में बृहस्पतिवार शाम बोरवेल में गिरे ढाई वर्षीय भागीरथ को तकरीबन 23 घंटे की मशक्कत के बाद निकाल लिया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में चिकित्सकों ने भागीरथ को मृत घोषित कर दिया। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुयश श्रीवास्तव ने बताया कि जांच के दौरान बच्चा मृत पाया गया। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपने जा रहे हैं।इससे पहले, उज्जैन के जिलाधिकारी रोशन कुमार सिंह ने संवाददाताओं को बताया था कि बच्चे को निकाल लिया गया था और उसे सिविल अस्पताल भेजा गया था। बच्चे की हालत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सिंह ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही सभी एजेंसियां सक्रिय हो गई थी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच बच्चे को बचाने के लिए सभी वैकल्पिक उपाय भी किए गए।बोरवेल से निकाले जाने के तत्काल बाद भागीरथ को एम्बुलेंस में रखकर अस्पताल ले जाया गया। भागीरथ को बचाने के लिए पूरी रात बचाव अभियान चलाया गया और इस दौरान चट्टान के कारण खुदाई में काफी परेशानियां आई। इससे पहले अधिकारियों ने बताया था कि बोरवेल में कैमरा डालकर बच्चे की निगरानी की जा रही है और उसे ऑक्सीजन की आपूर्ति भी की जा रही है।

बडनगर थाना प्रभारी अशोक पाटीदार ने ’पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि क्षेत्र का भूभाग पथरीला होने और बीच-बीच में चट्टान आने के कारण बचाव कार्य में अधिक समय लग रहा था।एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बच्चा करीब 60 से 65 फुट की गहराई में फंसा हुआ है और लगभग 40 फुट तक खुदाई करने के बाद चट्टान आ गई। उन्होंने बताया कि चट्टान तोड़ने के लिए भोपाल और इंदौर से मशीनें भी मंगवाई गई हैं।

यह हादसा उज्जैन से करीब 75 किलोमीटर दूर बडनगर तहसील के झलारिया गांव में बृहस्पतिवार शाम लगभग सात से साढ़े सात बजे के बीच हुआ। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जिला कमांडेंट संतोष जाट ने सुबह बताया था कि बच्चे को ’रेस्क्यू रोप’ की ’रिंग’ के माध्यम से ऊपर खींचने की कोशिश भी की जा रही है।बचाव अभियान में एसडीआरएफ के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी जुटी हुई थी और इसके लिए करीब आधा दर्जन पोकलेन और जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया।

अधिकारी ने बताया कि बच्चे की पहचान राजस्थान निवासी प्रवीण देवासी के ढाई वर्षीय पुत्र भागीरथ के रूप में हुई है। प्रवीण भेड़ चराने का काम करते हैं।उन्होंने परिजनों के हवाले से बताया कि बृहस्पतिवार शाम परिवार के लोग भेड़ चरा रहे थे तभी एक भेड़ से बोरवेल पर रखा पत्थर खिसक गया।अधिकारी ने बताया कि पीछे से आ रहे भागीरथ ने जिज्ञासावश ढक्कन हटाकर बोरवेल में झांका तभी वह उसमें गिर गया।

भागीरथ के मामा ने संवाददाताओं से कहा कि बच्चे की मां ने उसे बोरवेल में झांकते हुए देखा था, लेकिन जब तक वह वहां पहुंचती, बच्चा गिर चुका था। उन्होंने बताया कि प्रवीण देवासी राजस्थान के पाली जिले के गुडानला गांव के निवासी हैं और तीन दिन पहले ही परिवार के सदस्य यहां आए थे। अधिकारी ने बताया कि घटना के समय प्रवीण देवासी पाली जिले में गए हुए थे। प्रवीण के तीन बेटों में भागीरथ सबसे छोटा है।

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Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमार author

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ... और देखें

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