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'गांव का बच्चा भी बनेगा इंजीनियर', 149 पॉलिटेक्निक में शुरू होंगे स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, टाइम्स नाउ एजुकेशन समिट में बोले आशीष पटेल

TIMES NOW Education Summit 2026: उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए 149 पॉलिटेक्निक संस्थानों में टाटा के सहयोग से स्कूल ऑफ एक्सीलेंस शुरू किए जा रहे हैं। इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी ऐसी पहल जारी है। उन्होंने ग्रामीण छात्रों को अवसर देने और प्लेसमेंट बढ़ने की बात कही।

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'TimesNow.in एजुकेशन समिट 2026 में उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष पटेल

Times Now Education Summit : उत्तर प्रदेश सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री (Minister of Technical Education & Minister of consumer’s affairs) आशीष पटेल ने कहा कि प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के ढांचे में व्यापक बदलाव किए गए हैं। हमारा प्रयास शहरी के साथ ग्रामीण परिवेश से आने वाले बच्चों को इंजीनियर बनाने के लिए काम करना है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी गावों से निकल कर आई, लेकिन छोटी पार्टी होने के बावजूद अपने वादों को पूरा करने की दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश के छात्रों को बेहतर तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम हो, इस दिशा में काम किया जा रहा है। वहीं, 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि अपना दल (एस) आगे भी NDA में योगदान देता रहेगा।

आशीष पटेल बुधवार को टाइम्स नाउ नेटवर्क के 'TimesNow.in एजुकेशन समिट 2026: ग्लोबल टैलेंट की अगली पीढ़ी का निर्माण' कार्यक्रम में सवालों के जवाब में कहा कि प्रदेश में 149 पॉलिटेक्निक संस्थानों में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस शुरू किए जा रहे हैं। इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी इसी तरह की पहल पर काम चल रहा है। आशीष पटेल ने ग्रामीण छात्रों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने और प्लेसमेंट के अवसर बढ़ने का दावा किया।

आशीष पटेल ने कहा कि मार्च 2022 से उन्हें उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री के तौर पर काम करने का मौका मिला है। उनके मुताबिक, यूपी में तकनीकी शिक्षा के तहत 2,000 से ज्यादा स्कूल और कॉलेज हैं। इनमें इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थान शामिल हैं। पहले उत्तर प्रदेश के छात्रों को टेक्निकल एजुकेशन के लिए दूसरे राज्यों के शहरों का रुख करना पड़ता था। अब नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ में ऐसे अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने नागपुर, बेंगलुरु और मुंबई का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले जिस तरह की शिक्षा के लिए छात्रों को इन शहरों में जाना पड़ता था, अब वैसी शिक्षा प्रदेश में उपलब्ध कराने पर काम हो रहा है।

जब इस बात को 2027 के बाद आने वाली सरकार से जोड़कर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को अपने तरीके से पेश नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले अभी कुछ महीने का समय है और इतने समय में भी कई काम शुरू किए जा सकते हैं।

ग्रामीण छात्रों को जोड़ने पर जोर

आशीष पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बड़ा हिस्सा ग्रामीण इलाकों में है और इसलिए गांवों के छात्रों को तकनीकी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पॉलिटेक्निक में बड़ी संख्या में ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े किसान परिवार से छात्र आते हैं। ऐसे छात्रों में यह भरोसा पैदा करने की जरूरत है कि वे भी इंजीनियर या डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

उन्होंने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के तकनीकी संस्थानों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, गांव से आने वाले छात्र अब पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थानों में बेहतर स्तर की शिक्षा हासिल कर रहे हैं।

प्लेसमेंट और संस्थानों का भी जिक्र

मंत्री ने दावा किया कि टेक्निकल एजुकेशन के क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लेसमेंट को लेकर भी बदलाव हुए हैं। अलग-अलग संस्थानों के छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट मिला है और कुछ छात्रों को 50 लाख रुपये तक के पैकेज ऑफर हुए हैं। उन्होंने कहा कि हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) और मदन मोहन मालवीय विश्वविद्यालय, गोरखपुर दोनों संस्थानों में छात्रों की मांग को देखते हुए दाखिले के लिए सीटें बढ़ाने की जरूरत पड़ी।

अपना दल (एस) और NDA पर क्या बोले?

पार्टी की स्थिति पर आशीष पटेल ने कहा कि अपना दल (एस) के पास 13 विधायक, एक सांसद और एक एमएलसी हैं और पार्टी एनडीए के साथ है। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने एनडीए से अलग होने का कोई संकेत नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आगे भी उनकी पार्टी का योगदान एनडीए में जारी रहेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश को विविधता वाला राज्य बताते हुए कहा कि यहां काम करते समय सभी क्षेत्रों और लोगों का ध्यान रखना पड़ता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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