देश में एक्सप्रेसवे का जाल बिछ रहा है। सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पर बसे शहरों के बीच की दूरियां घट रही हैं। एक्सप्रेसवे से सड़क की लंबाई तो कई जगहों पर बढ़ रही है, लेकिन साफ, गड्ढा रहित एक्सप्रेसवे पर स्पीड बढ़ने से यह दूरियां सिमट रही हैं। देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे Delhi-Mumbai Expressway पर अभी काम चल रहा है। ऐसी ही Ganga Expressway और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) पर भी तेजी से काम चल रहा है। दूरियों को कम करने में Expressway का कोई मुकाबला नहीं है। ऐसे में कोई भी एक्सप्रेसवे या उसका कोई छोटा हिस्सा भी खुलता है तो यह लोगों के लिए बड़ी खबर बन जाता है। ऐसे ही एक एक्सप्रेसवे का कुछ हिस्सा अगले महीने खुलने जा रहा है, जिसका लोगों को बेसब्री से इंतजार है।
देश की राजधानी दिल्ली को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से जोड़ने के लिए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (
NHAI का कहना है कि दिल्ली से देहरादून के बीच बनाए जा रहे ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun greenfield access-controlled Expressway) का दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर से उत्तर प्रदेश के बागपत के बीच 32 किमी का हिस्सा सबसे पहले जून 2024 के अंत में खोल दिया जाएगा।
पूरा एक्सप्रेसवे कब खुलेगा?
जून में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का दिल्ली से बागपत का 32 किमी हिस्सा खुल जाएगा। लेकिन प्रश्न यह है कि इस एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से देहरादून तक कब फर्राटा भर पाएंगे? इस प्रश्न का जबाव है... उम्मीद की जा रही है कि साल 2025 की शुरुआत में सिर्फ ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून का सफर शुरू हो जाएगा। दिल्ली से बागपत के बीच का पहला चरण इसी साल मार्च में शुरू होना था, लेकिन प्रदूषण बढ़ने पर ग्रेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) की वजह से प्रतिबंध लग गए और निर्माण कार्य रुक गया था, जिसकी वजह से पहले चरण की शुरुआत में देरी हो रही है।दिल्ली से देहरादून का थकाऊ सफर
दिल्ली से देहरादून के बीच दूरी भले ही करीब 250 किमी हो, लेकिन इस सफर में पांच घंटे से ज्यादा समय बर्बाद होता है। दिल्ली से मेरठ और NH58 होते हुए यह सफर बड़ा ही उबाऊ और थकाऊ होता है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बन जाने से दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी मात्र ढाई घंटे में पूरी हो सकेगी।95 फीसद काम पूरा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पहले चरण को दो भागों में बांटा गया है। पहले चरण में कुल 31.65 किमी की दूरी है जो दिल्ली में अक्षरधाम से बागपत तक है। यह खेकरा और ईस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेसवे पर बने मावी कलां इंटरचेंज तक है। गीता कॉलोनी से मावी कलां तक 18 किमी का एलिवेटिड हिस्सा पहले चरण का हिस्सा है। NHAI के अनुसार पहले चरण का 90 से 95 फीसद काम पूरा हो चुका है। अब साइनेज, एक्सपेंशन ज्वाइंट और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य किए जा रहे हैं।दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण करीब 8300 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से फर्राटा भरेंगी। इस एक्सप्रेसवे पर एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर बन रहा है, जो 12 किमी लंबा होगा। इस एलिवेटेड कॉरिडोर की वजह से जंगली जीवों को भी आवाजाही में कोई समस्या नहीं होगी। एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर में 340 मीटर लंबी डाट काली टनल भी शामिल है। इस एक्सप्रेसवे पर देहरादून के पास 20 किमी लंबे एक्सप्रेसवे का काम तेजी से जारी है।
