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दो नए राज्यों की राजधानियों को जोड़ने वाला Expressway इसी साल होगा शुरू; 8 घंटे का समय भी बचेगा

छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की राजधानियों यानी रायपुर और हैदराबाद को जोड़ने वाला 530 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम इसी साल अगस्त में पूरा हो सकता है और इसे जनता के लिए खोला जा सकता है। इस एक्सप्रेसवे के खुलने से दोनों शहरों के बीच की दूरी 8 घंटे तक कम हो जाएगी।

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दो राज्यों की राजधानियों को जोड़ेगा ये एक्सप्रेसवे

Photo : Times Now Digital

देश के दो नए राज्यों की राजधानियां जल्द ही हाथ मिलाने वाली हैं। करीब 530 किमी की दूरी पर मौजूद यह दोनों राज्यों की राजधानियों के बीच लगने वाला मौजूद समय 12-14 घंटे से कम होकर मात्र 6 घंटे रह जाएगा। इस एक्सप्रेसवे पर काम बड़ी ही तेजी से चल रहा है और उम्मीद की जा रही है कि यह अपने तय समय यानी अगस्त 2025 में पूरा हो जाएगा। काम पूरा होने के बाद ट्रायल और अन्य जरूरी कार्रवाई के बाद जल्द ही इस एक्सप्रेसवे को आम जनता के लिए खोल भी दिया जाएगा। चलिए जानते हैं दो राजधानियों को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेसवे के बारे में विस्तार से -

कहां बन रहा यह Expressway

दो नए राज्यों यानी छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की राजधानियों रायपुर और हैदराबाद के बीच इस एक्सप्रेसवे को बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे का नाम रायपुर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे है और यह दोनों राज्यों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करने में मददगार होगा। 530 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा। यानी यह एक्सप्रेसवे बिल्कुल नया बनाया जा रहा है और पुराने अलाइनमेंट से इसका कोई लेना-देना नहीं रहेगा। अभी रायपुर और हैदराबाद के बीच सफर में 12 स 14 घंटे लग जाते हैं। रायपुर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे के बन जाने से इस सफर में सिर्फ 6 घंटे का समय लगेगा। इससे न सिर्फ यात्रियों को बल्कि सामान भी एक जगह से दूसरी जगह तेजी से पहुंचेगा।

यह एक्सप्रेसवे, रायपुर-हैदराबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा है। जो व्यापार रूट में सुधार करने के साथ ही ट्रांसपोर्ट खर्च में कटौती करके आर्थिक विकास को रफ्तार देगा। रिपोर्टों के अनुसार यह एक्सप्रेसवे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से होकर जाएगा, जिसमें दुर्ग, राजनंदगांव, गढ़चिरौली, गोंडपिपरी, रामागुंडम और करीमनगर शामिल हैं। इस तरह से यह एक्सप्रेसवे मध्य भारत और दक्षिण भारत से जोड़ेगा। इस एक्सप्रेवे से लॉजिस्टिग से जुड़ी चुनौतियां दूर होंगी, क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

तीन राज्यों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे

यह एक्सप्रेसवे तीन राज्यों से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेसवे का 104 किमी का हिस्सा छत्तीसगढ़ में होगा, जबकि 77 किमी हिस्सा महाराष्ट्र और 338 किमी हिस्सा तेलंगाना में होगा। इस तरह से देखा जाए तो रायपुर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे का सबसे लंबा हिस्सा तेलंगाना में ही होगा। इससे पता चलता है कि इस ट्रांस्पोर्टेशन नेटवर्क का क्षेत्र में कितना महत्व है। यह एक्सप्रेसवे रेड कॉरिडोर कहे जाने वाले नक्सली इलाकों से गुजरेगा, जो आर्थिक और सुरक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।

रायपुर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे को एक एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे के तौर पर बनाया जा रहा है और NHAI, राज्यों की राजमार्ग निर्माण इकाइयों के साथ मिलकर इसका निर्माण करवा रहा है। इस एक्सप्रेसवे को बनाने का मकसद क्षेत्र में एक मजबूत ट्रांसपोर्टेशन फ्रेमवर्क तैयार करना है। इससे सामना तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में मदद मिलेगी। लोगों को भी आवाजाही में आसानी होगी और मध्य भारत का दक्षिण भारत के साथ व्यापार भी बढ़ेगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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