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Wayanad landslide: पीड़ितों के घरों में बढ़े चोरी के मामले, पुलिस ने बढ़ाई गश्त, बिना परमिशन नहीं मिलेगी एंट्री

Wayanad landslide: वायनाड में भूस्खलन के बाद कई लोगों को जान बचाने के लिए अपने-अपने घरों को छोड़ना पड़ा। इस दौरान मानवीय संकट का फायदा उठाकर प्रभावित इलाके और पीड़ितों के घरों को चोरों ने अपना निशाना बनाया है। चोरी की शिकायतों के बाद पुलिस ने रात में गश्त और बढ़ा दी है। साथ ही बिना परमिशन इलाके में किसी भी एंट्री नहीं है।

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वायनाड भूस्खलन

Photo : ANI

Wayanad landslide: केरल के वायनाड जिले में भूस्खलन के कारण हर जगह तबाही का मंजर है। 30 जुलाई को वायनाड में एक के बाद एक दो भूस्खलन हुए थे। इस दौरान सैंकड़ों लोगों की मौत की खबर सामने आई। इतना ही नहीं अभी भी 180 से अधिक लोगों लापता बताए जा रहे हैं। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। इस बीच वायनाड के प्रभावित क्षेत्र से एक शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां त्रासीदा का फायदा उठाकर प्रभावित लोगों के घरों को चोरों ने अपना निशाना बनाया है। भूस्खलन के कारण तबाह हुए गांवों के निवासियों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा की वजह से अपनी जान बचाने के लिए मजबूरन उन्हें अपना घर छोड़कर अन्य स्थानों पर जाना पड़ा। लेकिन इतने बड़े मानवीय संकट में भी चोर रुकने का नाम नहीं ले रहे है। इस संकट का फायदा उठाकर चोर उनके घरों से सामान चुरा रहे हैं।

भूस्खलन का फायदा उठा रहे चोर

भूस्खलन के बाद स्थानीय लोगों द्वारा लगातार मिल रही चोरी की शिकायतों के बाद पुलिस ने रात में भी गश्त बढ़ा दी है। मानवीय संकट के बीच चोरी के बढ़ते मामलों से परेशान कुछ प्रभावित लोगों ने पुलिस अधिकारियों से चोरी करने के इरादे से रात के अंधेरे में इलाके में घुसने वालों की पहचान करने और उन्हें दंडित करने का आग्रह किया है। एक प्रभावित व्यक्ति ने कहा कि हम इस त्रासदी में अपना सब कुछ खो चुके हैं। हमने भूस्खलन के बाद जान बचाने के लिए अपने घर छोड़े और सुरक्षित जगहों पर गए। लेकिन जब बाद में हम अपने घरों को देखने के लिए लौटे तो यहां हमें दरवाजे टूटे हुए मिले। प्रभावित लोगों में से एक व्यक्ति ने बताया कि भूस्खलन के कारण कई लोगों अभी भी रिजॉर्ट के कमरों में रह रहे है। लेकिन चोर उन्हें यहां भी नहीं बख्श रहे। उनके घरों के साथ अब चोरों ने जहां वह अस्थाई रूप से रह रहे हैं उस स्थान को भी निशाना बनाया है। यहां चोर उनके कपड़े चुराकर ले जा रहे हैं।

पुलिस ने रात में गश्त बढ़ाई

एक अधिकारियों ने बताया कि चूरलमाला और मुंडक्कई सहित आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस ने गश्त शुरू कर दी गई है। लोगों की मांग पर रात में गश्त बढ़ाई गई है। उन्होंने ये भी कहा कि रात में बिना अनुमति के प्रभावित इलाकों और पीड़ितों के घरों में प्रवेश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जारी बयान में ये भी कहा गया है कि बिना पुलिस की अनुमति के बचाव कार्य या अन्य किसी भी बहाने से प्रभावित इलाकों में किसी को प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।

300 से अधिक लोगों की मौत

भूस्खलन के बाद से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भूस्खलन में 350 से अधिक लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है। जिसमें लापता लोगों की संख्या 180 बताई जा रही है। अधिकारी लोगों से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं और राहत-बचाव कार्य अभी भी जारी है।

(इनपुट-IANS)

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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