Delhi Bike Accident: दिल्ली पुलिस ने जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड की ओर से खोदे गए एक गड्ढे में बाइक सवार के गिरने की घटना की जानकारी समय पर अधिकारियों को न देने के आरोप में एक उप-ठेकेदार को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी शनिवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दी। पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त दराडे शरद भास्कर ने बताया कि जांच में सामने आया है कि पुलिस तक मामला पहुंचने से कई घंटे पहले ही 47 वर्षीय राजेश कुमार प्रजापति को इस घटना की जानकारी मिल चुकी थी।
मोटरसाइकिल को गड्ढे में गिरते देखा
पुलिस के मुताबिक, प्रत्यक्षदर्शी विपिन सिंह, जो एक शादी समारोह से लौटकर सागरपुर स्थित अपने घर जा रहे थे, ने एक मोटरसाइकिल को गड्ढे में गिरते हुए देखा। उन्होंने तुरंत पास में मौजूद एक गैरेज के सुरक्षा कर्मी को इसकी सूचना दी। अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा गार्ड ने तुरंत योगेश नाम के एक मजदूर को बुलाया। योगेश ने जब गड्ढे में झांककर देखा तो मोटरसाइकिल की हेडलाइट जल रही थी और भीतर एक व्यक्ति मौजूद दिखाई दिया।
किसी को सूचना नहीं दी
पुलिस के अनुसार, कॉल डिटेल रिकॉर्ड से यह सामने आया है कि योगेश ने रात करीब 12:22 बजे फोन कर प्रजापति को हादसे की जानकारी दी थी। इसके बाद प्रजापति लगभग 15 से 20 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गया, लेकिन उसने न तो पुलिस को और न ही किसी आपात सेवा को इसकी सूचना दी। पुलिस उपायुक्त भास्कर ने बताया कि इस घटना की जानकारी पुलिस को अगले दिन सुबह लगभग आठ बजे मिली।
योगेश की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि त्रि नगर निवासी और बी.कॉम पास प्रजापति को गिरफ्तार लिया गया, जबकि उत्तर प्रदेश के रहने वाले योगेश की तलाश के लिए कई टीमों को रवाना किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम की सही तस्वीर सामने लाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। इसी बीच, पुलिस ने बताया कि कैलाशपुरी के रहने वाले और एक निजी बैंक में कार्यरत कमल ध्यानी घर लौटते समय सीवर पाइपलाइन परियोजना के तहत खोदे गए करीब 15 फुट गहरे गड्ढे में गिर गए थे।
किनके खिलाफ हुई एफआईआर दर्ज?
पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद पीड़ित के परिजनों ने पहले कई अस्पतालों में जाकर उसकी तलाश की, लेकिन कहीं भी किसी सड़क दुर्घटना का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर परिवार के सदस्यों और पुलिस टीम ने जनकपुरी क्षेत्र में कई घंटों तक छानबीन की, तब जाकर घटनास्थल की पहचान हो सकी। जनकपुरी थाने में ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
मामले की जांच जारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से फरार ठेकेदार, मजदूरों समेत अन्य संबंधित लोग भी जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट रविवार को मिलने की उम्मीद है। वहीं, इस प्रकरण के संबंध में शुक्रवार रात दिल्ली जल बोर्ड के तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है।
(इनपुट - भाषा)
