फिरोजाबाद : उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में गुरुवार देर शाम एक बड़ी सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है। लखनऊ से नई दिल्ली जा रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12003) पर फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के निकट अज्ञात उपद्रवियों ने पथराव कर दिया। संयोगवश, इस ट्रेन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत भी सवार थे। हालांकि, उन्हें चोट नहीं आई। घटना के बाद रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, ट्रेन शाम करीब 7 बजे फिरोजाबाद के बाहरी क्षेत्र में स्थित पेमेश्वर रेलवे गेट के पास से गुजर रही थी। तभी अचानक किसी अज्ञात व्यक्ति ने ट्रेन पर पत्थर फेंका। पत्थर सीधे ई-1 कोच की खिड़की पर लगा, जिससे उसका बाहरी शीशा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह पत्थर सीट संख्या 53-54 के पास लगा था, जिससे कोच में बैठे यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
संघ प्रमुख पूरी तरह सुरक्षित
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत उसी कोच (ई-1) में सीट संख्या 39 और 40 पर यात्रा कर रहे थे। पथराव वाली जगह (सीट 53-54) से उनकी दूरी होने के कारण वे पूरी तरह सुरक्षित रहे और उन्हें कोई चोट नहीं आई।
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घटना की सूचना मिलते ही प्रयागराज स्थित मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष ने तत्काल अलर्ट जारी किया। टूंडला जंक्शन पहुंचने से पहले ही आरपीएफ और जीआरपी को सतर्क कर दिया गया। शाम 7:34 बजे जैसे ही ट्रेन प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंची, आरपीएफ निरीक्षक अवधेश गोस्वामी की टीम ने कोच का निरीक्षण किया। सुरक्षा औपचारिकताओं के बाद ट्रेन को 7:40 बजे दिल्ली के लिए रवाना किया गया।
एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद और सीओ सिटी के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस, एलआईयू और सर्विलांस टीम ने घटनास्थल (पेमेश्वर गेट) के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त विनीत सागर ने बताया कि शुरुआती जांच में किसी नशे की हालत में व्यक्ति द्वारा पत्थर फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और आरपीएफ संयुक्त रूप से आरोपी की तलाश कर रही हैं।
