Badaun News: बदायूं जिले के जरीफनगर थानाक्षेत्र में एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने गई पुलिस ने कथित तौर पर उसके परिजनों को थाने लाकर उनके साथ अभद्रता की, जिसके चलते रविवार को चौकी प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जरीफनगर थानाक्षेत्र के दियोहरा शेखपुर गांव में पुलिसकर्मियों पर मुकदमे के वादी के परिजनों को थाने लाकर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा।
एसएसपी अंकिता शर्मा ने लिया एक्शन
पुलिस का कहना है कि जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका प्रथम दृष्टया सही नहीं पाए जाने पर बदायूं की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा ने चौकी प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। एसएसपी ने बताया कि सात अगस्त को बीएनएस की संबंधित धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी के तहत पुलिस ने उदय प्रकाश के घर सात अगस्त की रात को दबिश दी। शर्मा ने बताया कि जरीफनगर थाने के प्रभारी या किसी वरिष्ठ अधिकारी को सूचना दिये बगैर उपनिरीक्षक मनीष भारद्वाज चार सिपाहियों- सुरजीत सिंह, लोकेश, हरीश और संदीप के साथ दियोहरा शेखपुर गांव पहुंचे तथा इस टीम ने उदय प्रकाश के घर पर दबिश दी।
विभागीय कार्रवाई के निर्देश
एसएसपी के अनुसार उदय प्रकाश घर पर नहीं मिला जिसके बाद पुलिस टीम उसके पिता कृपाल सिंह और अवनेश को थाने ले आई तथा उनके साथ दुर्व्यवहार एवं अभद्रता की। शर्मा के अनुसार इस मामले की शिकायत मिलने पर उसकी जांच कराई गई तथा जांच में पुलिसकर्मियों का आचरण प्रथम दृष्टया नियमों के विपरीत पाया गया। एसएसपी ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर उपनिरीक्षक मनीष भारद्वाज, सुरजीत सिंह, लोकेश, हरीश और संदीप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया तथा इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। एसएसपी ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई अपनी जगह है, लेकिन गिरफ्तारी के लिए की गई कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन या किसी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
