उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राज्य की पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर जमकपर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में ऐसी सरकार थी जो केवल अपने परिवार और रिश्तेदारों के हितों के बारे में सोचती थी।
मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी उस कार्यक्रम के दौरान की, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी 2.0 के तहत हजारों लाभार्थियों को पहली किस्त जारी की गई। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि 92,098 लाभार्थियों के खातों में 900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी गई है।
सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से अब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है और बीच में किसी प्रकार के बिचौलिये की गुंजाइश नहीं बची है। उन्होंने कहा, “अब विभाग से एक क्लिक होते ही पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंच जाता है। इस व्यवस्था में कोई मध्यस्थ नहीं है और लेन-देन की संभावना भी खत्म हो गई है।”
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले सरकार में इच्छाशक्ति की कमी के कारण गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति केवल निजी हितों में उलझ जाता है तो उसकी संवेदनाएं खत्म हो जाती हैं और वह जनहित के बजाय अपने परिवार तक सीमित रह जाता है।
योगी ने कहा कि 2017 में प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद सरकार ने राज्य की पूरी आबादी को अपने परिवार के रूप में देखा और यह सुनिश्चित किया कि योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि हर व्यक्ति का सपना अपना घर होने का होता है और इस योजना के तहत देश भर में अब तक 62 लाख से अधिक परिवारों को पक्का मकान मिल चुका है।
इन जिलों के लाभार्थियों को मिली पहली किस्त
मुख्यमंत्री के अनुसार जिन जिलों में सबसे अधिक लाभार्थियों को पहली किस्त दी गई है उनमें सहारनपुर (10,214), प्रतापगढ़ (7,991), शाहजहांपुर (4,325), फिरोजाबाद (4,266), जालौन (3,174), सीतापुर (3,078) और गोरखपुर (3,063) प्रमुख हैं।
