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जानें Ambala Shamli Expressway की प्रोग्रेस क्या है? कब तक काम पूरा होने की है उम्मीद?

Ambala Shamli Expressway के तीनों पैकेज पहली और दूसरी डेडलाइन को पार कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का 68 फीसद और हरियाणा के दोनों पैकेजेस में 81-82% काम पूरा है। जल्द पूरा होने की उम्मीद कम ही है।

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अंबाला शामली एक्सप्रेसवे की प्रोग्रेस रिपोर्ट

Ambala Shamli Expressway: देश में एक के बाद एक सड़क परियोजनाएं लगातार बन रही हैं और तैयार हो रही हैं। उत्तर प्रदेश को हरियाणा से जोड़ने वाली ऐसी ही एक परियोजना का नाम अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे है। यह परियोजना लगभग 122 किमी लंबी है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली को हरियाणा के छावनी शहर अंबाला से जोड़ती है। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से दोनों क्षेत्रों के लोगों को बहुत ही जरूरी कनेक्टिविटी मिल जाती, लेकिन इस एक्सप्रेसवे को लेकर इंतजार लगातार बढ़ता ही जा रहा है। चलिए जानते हैं अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे की ताजा अपडेट, अब तक कितना काम हुआ और कब तक आप इस पर फर्राटा मार पाएंगे -

6 लेन का बनाया जा रहा एक्सप्रेसवे

पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा को जोड़ने वाले इस 6-लेन के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को तीन सिविल पैकेजेस में बनाया जा रहा है। जिनमें से सबसे बड़ा 45.5 किलोमीटर का पैकेज उत्तर प्रदेश में बनाया जा रहा है। इसका दूसरा पैकेज करीब 38.5 किमी का है जो पूरी तरह से हरियाणा में है। इसके अलावा तीसरे पैकेज की लंबाई लगभग 37.39 किमी है, जो हरियाणा है, हालांकि, इसका छोटा सा हिस्सा पंजाब में भी आता है।

अब तक कितना फीसद काम पूरा हुआ?

अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे को लेकर परेशान करने वाली बात ये है कि इसके तीनों पैकेजेस का काम तय समयसीमा से काफी पीछे चल रहे हैं। सितंबर 2026 तक की बात करें तो उत्तर प्रदेश के शामली से यमुना नदी तक के पैकेज-1 में लगभग 68 फीसद काम पूरा हुआ है। जबकि, हरियाणा के पैकेज-2 में 82 फीसद और पैकेज-3 में 81 फीसद तक निर्माण कार्य पूरा बताया जा रहा है।

कब तक पूरा हो सकता है एक्सप्रेसवे का काम?

तीनों पैकेज की प्रगति और बचे हुए काम को देखा जाए तो सबसे बड़ी चुनौतियों में यमुना नदी पर बनाया जा रहा पुल भी उनमें शामिल है। क्लोवरलीफ इंटरचेंज, रेलवे ओवरब्रिज और जमीन अधिग्रहण से जुड़ी समस्याएं भी हैं। ऐसे में पूरे एक्सप्रेसवे के 2026 के अंत तक चालू होने की उम्मीद कम ही नजर आती है। मौजूदा प्रोग्रेस के आधार पर इसके काल 2027 के अंत तक ही तैयार होने की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, यह भी सिर्फ अनुमान ही है, आधिकारिक उद्घाटन की पुष्टि नहीं NHAI ही करेगा।

यहां रेलवे ओवर ब्रिज का काम जारी है

यहां रेलवे ओवर ब्रिज का काम जारी है

तीनों पैकेज की प्रोग्रेस और नई डेडलाइन

पैकेज-1 - शामली से यमुना नदी

  • उत्तर प्रदेश - 45.5 किमी
  • कितना काम पूरा हुआ - लगभग 68 फीसद
  • निर्माण कार्य की शुरुआत - 17 मई 2023
  • पहली डेडलाइन - 15 मई 2025
  • दूसरी डेडलाइन - 25 जुलाई 2026
  • नई डेडलाइन - 31 मार्च 2027

पैकेज-2 - यमुना नदी से अधोया गांव

  • हरियाणा - 38.5 किमी
  • कितना काम पूरा हुआ - लगभग 82 फीसद
  • निर्माण कार्य की शुरुआत - 17 मई 2023
  • पहली डेडलाइन - 16 मई 2025
  • दूसरी डेडलाइन - 31 दिसंबर 2026
  • नई डेडलाइन - 28 फरवरी 2027

पैकेज-3 - अधोया से अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे

  • हरियाणा - लगभग 37.39 किमी
  • कितना काम पूरा हुआ - लगभग 81 फीसद
  • निर्माण कार्य की शुरुआत - 3 मई 2023
  • पहली डेडलाइन - 1 मई 2025
  • मौजूदा डेडलाइन - 31 दिसंबर 2026

यहां बचा है काफी ज्यादा काम

निर्माण की प्रोग्रेस रिपोर्ट को देखें तो उत्तर प्रदेश के हिस्से में सबसे कम 68 फीसद काम पूरा हुआ है। पैकेज-1 के बीच हिस्से से गंगोह इंटरचेंज और रेस्ट-सर्विस एरिया की ओर कई स्थानों पर सड़क बिछाने का काम हो चुका है, लेकिन कई अहम हिस्से अभी अधूरे हैं।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पास काम बंद!

अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे के दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ने वाले क्लोवरलीफ इंटरचेंज पर लंबे समय से काम बंद बताया जा रहा है। NH-709बी क्रॉसिंग, टोल प्लाजा और कई अंडरपास-ओवरपास के आसपास मिट्टी भराई का काम भी बाकी है। नहर क्रॉसिंग पर पियर और पियर कैप तैयार होने के बावजूद लगभग छह महीने से गार्डर रखने का काम आगे नहीं बढ़ा है।

हाई-टेंशन ट्रांसमिशन लाइन के कारण भी देरी!

इसके अलावा, हाई-टेंशन ट्रांसमिशन लाइन का टावर हटने में देरी के कारण भी पियर पाइलिंग प्रभावित है। इन बाधाओं के चलते पैकेज-1 की नई डेडलाइन 31 मार्च 2027 रखी गई है। हालांकि, काम की मौजूदा स्थिति है, उसे देखते हुए इस तारीख तक निर्माण कार्य पूरा होने पर संशय है। इसी तरह पैकेज-2 में किलोमीटर 72 के आसपास बिजली ट्रांसमिशन लाइन की ऊंचाई और रादौर इंटरचेंज के रैंप का काम भी चुनौती है। इसकी नई डेडलाइन 28 फरवरी 2027 है।

यमुना नदी पर बन रहे पुल का काम काफी समय से अटका हुआ है

यमुना नदी पर बन रहे पुल का काम काफी समय से अटका हुआ है

हरियाणा में यहां बड़ी चुनौती

हरियाणा में बन रहे पैकेज-2 में 82 फीसद काम पूरा होने के बावजूद यमुना नदी का पुल सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुल के दाहिनी तरफ पहले बनाए गए कुछ पियर्स को तोड़कर दोबारा बनाने की जरूरत पड़ी है। हालांकि, इसकी तकनीकी वजह की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इस समस्या के कारण पिछले लगभग छह महीने से पुल का काम ठप पड़ा है।

पैकेज-3 में भी ज्यादातर हिस्से पर सड़क बिछाने का काम पूरा हो चुका है। टोल प्लाजा का ढांचा और प्रशासनिक भवन भी तैयार हैं। हालांकि, रेलवे ओवरब्रिज का काम जारी है और अंबाला बाईपास के ट्रम्पेट इंटरचेंज के पास मिट्टी भराई बाकी है। नारायणगढ़ रोड क्रॉसिंग के पास स्कूल से जुड़ा भूमि अधिग्रहण का मामला भी निर्माण को प्रभावित कर रहा है। बता दें कि इस पैकेज की मौजूदा डेडलाइन 31 दिसंबर 2026 है।

कब तक पूरा होगा अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे?

अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे के पूरा होने की तारीख अब तीनों पैकेज में बची बाधाओं को दूर करने पर निर्भर है। हरियाणा में 81-82 फीसद काम पूरा होने के बावजूद यमुना पुल और रेलवे ओवरब्रिज जैसे ढांचों पर काफी काम बचा है। वहीं, उत्तर प्रदेश में इंटरचेंज, नहर क्रॉसिंग और बिजली टावर से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना होगा।

मौजूदा प्रोग्रेस को देखते हुए पूरे एक्सप्रेसवे का काम 2027 में दिवाली के आसपास पूरा होने की उम्मीद की जा सकती है। रुकावटों और निर्माण की रफ्तार को देखते हुए कहा जा सकता है कि फिलहाल यात्रियों को एक्सप्रेसवे के पूरी तरह खुलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

नोट - यह खबर और तस्वीरें इंफ्रा व्लॉगर मोहित कुमार के X सोशल मीडिया हैंडल @DetoxTravellerr से साभार ली गई हैं।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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