Monsoon 2026: दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) देश के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके विस्तार के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। इसके बारे में जानकारी देते हुए मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में 18°N/60°E, 18°N/65°E और 18°N/70°E से होकर गुजर रही है। यह रेखा आगे बढ़ते हुए हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राद्री कोठागुडेम, कलिंगपट्टनम, पारादीप, बारीपदा, पुरुलिया, धनबाद, मुजफ्फरपुर होते हुए 28.3°N/83°E तक दर्ज की गई है, जो 13 जून 2026 की स्थिति को दर्शाती है।
अगले 2–3 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने आसार
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2–3 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। इसके तहत मानसून मध्य अरब सागर और महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के शेष क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम बंगाल एवं बिहार के अतिरिक्त हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में भी आगे बढ़ सकता है।
गोवा में मानसून के दौरान लोगों को समुद्र में न जाने की चेतावनी
वहीं गोवा सरकार द्वारा नियुक्त जीवनरक्षक एजेंसी ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से मानसून के दौरान समुद्र में न जाने की अपील की। एजेंसी ने कहा कि इस मौसम में स्थिति कभी भी अचानक बदल सकती है और हालात खतरनाक हो सकते हैं। 'दृष्टि मरीन' जीवनरक्षक एजेंसी ने शुक्रवार को जारी एक परामर्श में कहा कि मानसून के दौरान समुद्र में तैराकी और तटीय जल क्रीड़ा गतिविधियों पर रोक है। पर्यटकों की सहायता और आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए राज्य के 54 समुद्र तटों पर 450 से अधिक प्रशिक्षित जीवन रक्षकों और बीच मार्शल तैनात किए गए हैं। इनमें दक्षिण गोवा के 30 और उत्तर गोवा के 24 समुद्र तट शामिल हैं।
बयान में बताया गया कि समुद्र तटों के अलावा मायेम झील, दूधसागर जलप्रपात, सवरी जलप्रपात और म्होवाचो गुनो में भी जीवन रक्षक तैनात किए गए हैं। एजेंसी के अनुसार, लोगों को पानी में उतरने से रोकने और खतरे के प्रति आगाह करने के लिए गोवा के विभिन्न समुद्र तटों पर लाल झंडे लगाए गए हैं। 'दृष्टि मरीन' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नवीन अवस्थी ने बताया, "मानसून के दौरान समुद्र एक पल शांत दिखाई दे सकता है और अगले ही पल खतरनाक हो सकता है। तेज धाराएं, ऊंची लहरें और तेजी से बदलता मौसम सामान्य से दिखते पानी को भी असुरक्षित बना देता है।" उन्होंने कहा कि सबसे सुरक्षित विकल्प यही है कि लोग पानी में जाने से बचें और समुद्र तटों पर जारी सभी सुरक्षा सलाहों का पालन करें।
