Delhi Cabinet : शालीमार बाग की विधायक रेखा गुप्ता दिल्ली की नई मुख्यमंत्री बनी हैं। रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित भाजपा एवं एनडीए के दिग्गज नेताओं एवं मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने रेखा गुप्ता और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। रेखा के बाद दूसरे नंबर पर परवेश वर्मा को शपथ दिलाई गई। परवेश को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। रेखा गुप्ता के अलावा परवेश वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिरसा, रविंद्र इंद्राज सिंह, कपिल मिश्रा और डॉ. पंकज सिंह को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। यहां हम जानेंगे कि ये नेता कौन हैं और दिल्ली की किस सीट से जीतकर आए हैं।
परवेश वर्मा
परवेश दिल्ली में भाजपा के जाट चेहरा हैं। नई दिल्ली विधानसभा सीट पर इन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को हराया। 'शीशमहल' मामले को लेकर इन्होंने केजरीवाल पर जोरदार हमला किया। दिल्ली सीएम पद की रेस में परवेश का नाम सबसे आगे चल रहा था लेकिन भाजपा आलाकमान ने उनकी जगह पहली बार शालीमार बाग से विधायक बनीं रेखा गुप्ता को इस पद के लिए चुना। परवेश पश्चिमी दिल्ली सीट से दो बार सांसद और महरौली से विधायक रह चुके हैं। परवेश करीब तीन दशक से भाजपा से जुड़े हैं। इनके पिता दिवंगत साहिब सिंह वर्मा दिल्ली के सीएम रह चुके हैं। केजरीवाल सरकार पर परवेश काफी हमलावर रहे। अब रेखा गुप्ता की भाजपा सरकार में इन्हें अहम विभाग मिल सकते हैं।
आशीष सूद
आशीष दिल्ली की जनकपुरी सीट से चुनाव जीते हैं और भाजपा के पुराने नेता हैं। सूद पंजाबी समुदाय से आते हैं। वह दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। पंजाबी समुदाय से आने वाले सूद पहली बार विधायक बने हैं। इन्होंने एवीबीपी से सियासी करियर की शुरुआत की। आशीष दिल्ली नगर निगम की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। आशीष के पास संगठन में काम करने का अच्छा खासा अनुभव है। बीजेपी के लिए ये जम्मू कश्मीर, गोवा में काम कर चुके हैं। वह वर्तमान समय में गोवा बीजेपी इकाई के प्रभारी हैं। सूद को भी संघ का करीबी माना जाता है। अपने प्रबंधन कौशल के चलते वह बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व की भी पसंद हैं।
मनजिंदर सिंह सिरसा
मनजिंदर सिंह सिरसा राजौरी गार्डन सीट से चुनाव जीते हैं। सिरसा 2013 और 2017 में दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं। सिरसा 2021 में अकाली दल छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। दिल्ली विधानसभा चुनाव में सिरसा ने AAP के मौजूदा विधायक धनवती चंदेला को 18190 वोटों के अंतर से हराया। सिरसा दिल्ली में भाजपा का प्रमुख सिख चेहरा हैं। मोदी जब भी गुरुद्वारे जाते हैं तो अक्सर सिरसा को उनके साथ देखा जाता है। चूंकि किसान आंदोलन के बाद पंजाब में बीजेपी की जमीन हिल चुकी है ऐसे में बीजेपी आगामी 2027 के पंजाब चुनाव को अभी से ध्यान में रखते हुए मनजिंदर सिंह सिरसा पर दांव लगा रही है। बीजेपी को लगता है कि सिरसा के जरिए वह 2027 पंजाब चुनाव में सिख वोटरों को साध सकती है।
रविंद्र इंद्राज सिंह
रविंद्र इंद्राज सिंह की गिनती दिल्ली बीजेपी के बड़े दलित चेहरों में होती है। इंद्राज भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भी हैं। उनके पिता इंद्राज सिंह भी नरेला सीट से विधायक रह चुके हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। इंद्राज ने बवाना सीट पर आम आदमी पार्टी के विधायक जय भगवान उपकार को 31 हजार से अधिक वोटों से हराया। साफ सुथरी छवि वाले इंद्राज के खिलाफ किसी तरह का कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। इंद्राज पेशे से बिजनेसमैन हैं। इंद्राज के मंत्री बनने से जहां दलितों को साधने की कोशिश की गई वहीं दूसरी तरफ दिल्ली देहात के लोगों को भी खुश करने की कोशिश की गई है। इस बार दिल्ली देहात की सभी 10 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली है।
कपिल मिश्रा
आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले कपिल मिश्रा साल 2015 में करावल नगर से विधायक चुने गए। दिल्ली सरकार में वह जल संसाधन मंत्री भी बने। हालांकि पार्टी नेतृत्व पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद उन्हें AAP से निलंबित कर दिया गया, जिससे उनका AAP से रिश्ता खत्म हो गया। 2019 में कपिल मिश्रा भाजपा में शामिल हो गए और पार्टी के अभियानों में सक्रियता से भाग लेना शुरू किया। साल 2023 में उन्हें दिल्ली भाजपा का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने अपनी राजनीतिक छवि काफी मजबूत की। कपिल मिश्रा अपने तीखे बयानों और सोशल मीडिया पर सक्रियता के लिए भी जाने जाते हैं।
डॉ. पंकज सिंह
डॉ. पंकज सिंह विकासपुरी सीट से चुनाव जीते हैं। इस सीट पर उन्होंने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार महिंदर यादव को हराया। पंकज सिंह बिहार के बक्सर जिला के रहने वाले हैं। पेशे से डेंटल डॉक्टर पंकज ने बिहार के मगध विश्वविद्यालय गया से दंत चिकित्सा सर्जरी में स्नातक की डिग्री पूरी की। उनकी पत्नी रश्मि कुमारी भी पेशे से एक डेंटिस्ट हैं। पूर्वांचल से संबंध होने के नाते भाजपा ने उनको मंत्री पद से नवाजा है। गत 18 फरवरी को उनकी मां का निधन हो गया। मां के अंतिम संस्कार के अगले दिन इन्होंने मंत्री पद की शपथ ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने में पूर्वांचल के वोटरों का बहुत अहम योगदान रहा है। पंकज सिंह के जरिए भाजपा ने पूर्वांचल के वोटरों को खुश करने की कोशिश की है।
