शहर

यूपी के बाद बिहार में बाघ का तांडव, बकरी को छोड़ चरवाहे को बनाया निवाला

उत्तर प्रदेश के बाद बिहार में जंगली जानवरों का तांडव देखने को मिल रही है। पश्चिमी चंपारण में एक किसान पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

Image

यूपी के बाद बिहार में बाघ का तांडव, बकरी को छोड़ चरवाहे को बनाया निवाला

पश्चिमी चंपारण: जिले में मंगलवार को एक बाघ के हमले में एक चरवाहे की मौत हो गई। घटना दोपहर करीब डेढ़ बजे सहोदर थाना अंतर्गत वनबैरिया गांव में हुई। मृतक की पहचान इंद्रदेव महतो के रूप में हुई है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) 1 के प्रभागीय वनाधिकारी प्रद्युम्न गौरव ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पीड़ित खेत में बकरी चरा रहा था, तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया।

गन्ने के खेत के पास बैठा था बाघ

उन्होंने कहा कि वनबैरिया गांव की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां से नदी और जंगल दोनों ही महज एक किमी दूर हैं। यहां बाघों समेत वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक गलियारा बना हुआ है। यह रास्ता खेतों, खासकर गन्ने के खेतों से होकर गुजरता है, जिससे बाघ जंगल के विभिन्न हिस्सों में आ-जा सकते हैं। पीड़ित वहां बकरी चराने गया था। वह गन्ने के खेत के पास बैठा था, तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया।

10 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान

वह अधिकारी ने बताया कि जब ग्रामीणों को घटना के बारे में पता चला, तो उन्होंने तुरंत बाघ का पीछा किया, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों का शोर सुनकर बाघ जंगल की ओर भाग गया। अधिकारी ने बताया कि बाघ ने पीड़ित के शव को 200 मीटर तक घसीटा और फिर मौके से भाग गया।

उन्होंने कहा कि हमने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वन विभाग ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान किया है।

वीटीआर के पास अलर्ट

उन्होंने कहा कि वीटीआर के पास के गांवों के निवासियों को सतर्क रहने और अकेले खेतों पर न जाने के लिए कहा गया है। कुछ सप्ताह पहले वीटीआर के मंगुराहा वन क्षेत्र में एक नर बाघ मृत पाया गया था। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व बाघों के लिए एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, रिजर्व में लगभग 60 वयस्क बाघ हैं। यह समृद्ध जैव विविधता वाल्मीकि टाइगर रिजर्व को इस क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण का एक अनिवार्य हिस्सा बनाती है। इससे पहले 2022 में, एक आदमखोर बाघ ने वीटीआर के करीब स्थित गांवों में नौ लोगों को मार डाला था। अंततः उस आदमखोर बाघ को मार दिया गया था।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article