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यूपी में भेड़िये के बाद आदमखोर बाघ का तांडव, किसान को बनाया निवाला; 12 दिन में किया दूसरा शिकार

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में बाघ ने किसान पर हमला कर उसे मार डाला। 12 दिन के अंदर बाघ के हमले से दूसरे किसान की मौत हुई है।

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यूपी में भेड़िये के बाद आदमखोर बाघ का तांडव, किसान को बनाया निवाला; 12 दिन में किया दूसरा शिकार

लखीमपुर खीरी: यूपी इन दिनों भेड़ियों के खौफ में है। हालिया के दिनों में बहराइच में भेड़ियों ने कई लोगों पर अटैक कर उनकी जान ले ली। वहां से अभी निजात मिली नहीं थी कि अन्य जिलों में तेंदुए और बाघ लोगों को निशाना बनाने लगे हैं। ताजा मामला लखीमपुर खीरी से सामने आया है, जहां दिनदहाड़े खेत पर चारा लेने गये 45 वर्षीय किसान पर बाघ ने हमला कर दिया। बाघ के हमले से किसान की मौत हो गई। हादसे के बाद प्रशासन की टीमें वहां मौजूद हैं।

मामला मोहम्मदी रेंज के मूड़ा अस्सी गांव का है। जानकारी के मुताबिक, 12 दिन के अंदर बाघ के हमले की यह दूसरी घटना है। इससे पहले बाघ ने एक अन्य को किसान को अपना निवाला बनाया था। अबतक यह आदमखोर दो लोगों को मार चुका है। हालांकि, यह कह पाना मुश्किल है कि इसी ने पहले वाले किसान को भी अपना निशाना बनाया था। बाघ ने मूड़ा अस्सी गांव के निवासी जाकिर पर उस समय हमला किया जब वह अपने गन्ने के खेत में काम कर रहा था। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है और वे बाघ को पकड़ने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

दक्षिण खीरी के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) संजय बिस्वाल ने महेशपुर रेंज में दूसरी बार बाघ के हमले में एक व्यक्ति की मौत होने की पुष्टि की।इससे पहले, 27 अगस्त को एक अन्य ग्रामीण अंबरीश कुमार की भी कथित तौर पर बाघ के हमले में मौत हो गई थी। इन दुखद घटनाओं के बाद, राज्य के वन मंत्री अरुण कुमार ने स्थिति का आकलन करने के लिए क्षेत्र का दौरा करके वन अधिकारियों को बाघ को पकड़ने का निर्देश दिया। वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए गश्ती दल तैनात किए हैं, पिंजरे और कैमरे लगाए हैं और उसे बेहोश करने के लिए विशेषज्ञों को बुलाया है। हालांकि, भारी बारिश और जलभराव से उनके प्रयासों में बाधा उत्पन्न हुई है। स्थानीय लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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