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शीश महल पर विधानसभा में बोले प्रवेश वर्मा, अरविंद केजरीवाल की तुलना धुरंधर मूवी के 'रहमान डकैत' से की

Sheesh Mahal Controversy: प्रवेश वर्मा ने कहा कि जिस जगह शीश महल बनाया गया, वहां पहले काफी हरियाली थी। निर्माण के दौरान पेड़ काटे गए और बिना अनुमति सरकारी आवास खाली कराए गए।

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शीश महल पर विधानसभा में बोले प्रवेश वर्मा, अरविंद केजरीवाल की तुलना धुरंधर मूवी के 'रहमान डकैत' से की

Parvesh Verma in Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा में कथित ‘शीश महल’ मुद्दे पर मंत्री प्रवेश वर्मा ने जोरदार हमला बोला और अरविंद केजरीवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, 'मैं बचाता रहा दीमक से घर अपना, तब कुर्सी के कीड़े पूरे दिल्ली को खा गए।' उन्होंने आरोप लगाया कि 2020 में दिल्ली दो आपदाओं से जूझ रही थी, पहली कोविड और दूसरी आम आदमी पार्टी की सरकार। उनके मुताबिक, कोविड संकट के बीच सरकार ने अस्पतालों की बजाय शीश महल बनाने पर ध्यान दिया।

रहमान डकैत से तुलना

प्रवेश वर्मा ने कहा कि देश में रिलीज हुई फिल्म 'धुरंधर' के ‘रहमान डकैत’ किरदार की तरह केजरीवाल ने दिल्ली को लूटने का काम किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह दिल्ली के डकैत है।

ग्रीनरी घटाने और सरकारी आवास हटाने का आरोप

उन्होंने कहा कि जिस जगह शीश महल बनाया गया, वहां पहले काफी हरियाली थी। निर्माण के दौरान पेड़ काटे गए और बिना अनुमति सरकारी आवास खाली कराए गए। तीन अधिकारियों और सचिव स्तर के अधिकारियों के आवास हटाए गए, सर्वेंट क्वार्टर्स और गैराज भी तोड़े गए।

‘शीश महल-2’ का भी आरोप

प्रवेश वर्मा ने दावा किया कि 4000 गज जमीन पर “शीश महल-2” का निर्माण भी शुरू हो चुका था। उन्होंने कहा कि इस पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे और ढांचा तैयार हो चुका था। सरकार बदलती नहीं तो 60 करोड़ रुपये तक खर्च होते।

कोविड के दौरान ‘मोस्ट अर्जेंट’ फाइल

उन्होंने आरोप लगाया कि कोविड के दौरान अस्पताल, ऑक्सीजन, ICU बेड या सीवर-पॉल्यूशन जैसे मुद्दों पर “मोस्ट अर्जेंट” नहीं लिखा गया, लेकिन शीश महल निर्माण फाइल पर “मोस्ट अर्जेंट” लिखकर काम कराया गया। उनके अनुसार 11 साल में पहली बार “मोस्ट अर्जेंट” शब्द इसी फाइल पर लिखा गया।

कोविड फंड पर सवाल

प्रवेश वर्मा ने कहा कि कोविड के दौरान केंद्र सरकार ने दिल्ली को 787.91 करोड़ रुपये दिए, लेकिन सिर्फ 582 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने दावा किया कि 26,000 लोगों की मौत हुई और यदि वेंटिलेटर पर खर्च किया जाता तो 2000 जानें बच सकती थीं।

कोर्ट टिप्पणियों का हवाला

उन्होंने कहा कि नवंबर 2020 में कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली सरकार कोविड नॉर्म्स का पालन नहीं कर रही है। 2021 में हाई कोर्ट ने भी सरकार को फटकार लगाई थी।

महंगे सामान का आरोप

प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में कथित खरीद की सूची दिखाते हुए कहा:

40 लाख रुपये के बेड

28 लाख की अलमारी

60 लाख की चेयर

5 लाख के बुकशेल्फ

60 लाख के कारपेट

डेढ़ करोड़ के कर्टन

6 लाख के वास

14 लाख की ट्रेडमिल

3 लाख के डंबल

12 टीवी पर कुल डेढ़ करोड़ खर्च

88 इंच का टीवी 28.51 लाख

50 एसी

5 लाख की टॉयलेट सीट

6 लाख का मिनी बार

उन्होंने कहा कि घर में सिर्फ पांच लोग थे लेकिन 28 लोगों की डाइनिंग टेबल लगाई गई।

आतिशी को शीश महल के अंदर नहीं जाने दिया

प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि आतिशी को शीश महल में प्रवेश नहीं दिया गया। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि केजरीवाल को विश्वास था कि वे दोबारा वहीं रहेंगे, इसलिए किसी और को वहां बैठने तक नहीं दिया गया।

विधानसभा में बांटी गई सूची

उन्होंने दावा किया कि पूरे खर्च की सूची रोल के रूप में छापकर सभी विधायकों को दी गई और कहा कि यह “राजा का महल” बनाया गया था। कुल मिलाकर, प्रवेश वर्मा ने शीश महल निर्माण, कोविड प्रबंधन, खर्च और कथित “शीश महल-2” को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि जनता के पैसे से “भव्य महल” बनाया गया, जबकि उस समय दिल्ली कोविड संकट से जूझ रही थी।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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