Sawan 2025: सावन के पावन महीने का आज से आगाज हो गया है। शुक्रवार की सुबह से शिवालयों में भक्तों का तांता लगना शुरू हो जाएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा लेकर दूर दराज के लिए निकलेंगे। लिहाजा, त्योहार के मद्देनजर यूपी और दिल्ली सरकार ने व्यापक प्रबंध किए हैं। खासकर, कांवड़ यात्रा मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। भारी सुरक्षा के बीच कांवड़िये हरिद्वार समेत अन्य बड़े शिव मंदिरों की ओर बढ़ेंगे। इस दौरान खुले में मांस की ब्रिक्री पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया गया है और दुकानदारों को अपनी दुकानों पर नेम प्लेट लगाने का निर्देश दिया गया है। कई जिलों में यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की निगरानी के लिए सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रशासन ने कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले भक्तों से भी शांतिपूर्वक यात्रा निकालने की अपील की है। आइये जानते हैं कहां क्या प्रबंध किए गए हैं?
अलीगढ़ में ड्रोन से होगी कांवड़ यात्रा मार्गों की निगरानी
अलीगढ़ जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक योजना लागू की है। जिलों के अधिकारियों की बुधवार को हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में एक केंद्रीय कमान प्रणाली की स्थापना की गई। इसके तहत जिले को दो जोन में विभाजित किया गया है। इनमें से प्रत्येक की निगरानी एक अपर जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी। अधिकारियों को मुताबिक, समन्वय और प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए इन जोन को 24 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) एम शेखर पाठक ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं को बताया कि विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर 156 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और मंदिरों तक जाने वाले पूरे कांवड़ यात्रा मार्ग की निगरानी के लिए पर्याप्त संख्या में ड्रोन तैनात किए गए हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान शांति भंग न हो इसके लिए प्रमुख स्थानों पर शांति समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। पाठक ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, "तीर्थयात्रा मार्ग पर मांस की बिक्री के संबंध में आपसी सहमति से एक प्रोटोकॉल बनाया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस संबंध में तीर्थयात्रियों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। पाठक ने बताया कि किसी भी समस्या या अप्रिय घटना से निपटने के लिए 22 त्वरित प्रतिक्रिया दल गठित किए गए हैं। ये दल पानी की आपूर्ति, बिजली और तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य सहित सभी समस्याओं का समाधान करेंगे।
प्लास्टिक मुक्त कांवड़ यात्रा
संभल जिला प्रशासन ने आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण के लिए एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए श्रावण मास को शून्य-अपशिष्ट उत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने कपड़े के थैले बांटने से लेकर मंदिर परिसरों में सख्त निगरानी तक, हर स्तर पर व्यापक निगरानी की रूपरेखा तैयार की है। संभल नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी मणि भूषण तिवारी ने गुरुवार को बताया कि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष प्लास्टिक विरोधी अभियान चलाया जा रहा है।
एमसीडी ने क्या कहा?
डीएमसी अधिनियम, 1957 के तहत कांवड़ यात्रा मार्गों पर मांस की दुकानों को बंद करने का कोई प्रावधान नहीं है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने इसकी जानकारी दी। एमसीडी ने संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा के उस बयान के एक दिन बाद यह कहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर मांस की दुकानें बंद रहेंगी। मिश्रा ने कहा था कि यह निर्णय दिल्ली सरकार और एमसीडी ने लिया है।
वार्षिक कांवड़ यात्रा सावन के महीने में शुरू होती है। यह कल (शुक्रवार) से शुरू होकर 25 जुलाई को समाप्त होगी। एमसीडी सदन में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में नगर निकाय ने कहा कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 के तहत कांवड़ यात्रा के मार्गों पर मांस की दुकानों को बंद करने का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि इन प्रतिष्ठानों के मालिक वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखते हैं।
दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि हम मांस की दुकान के मालिकों से अनुरोध करेंगे कि वे कांवड़ यात्रा से जुड़ी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद कर दें। जिनके पास वैध लाइसेंस नहीं हैं, उन्हें काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो वैध हैं, उनसे हम केवल अनुरोध कर रहे हैं। यह समुदायों के बीच आपसी सम्मान की बात है। विभिन्न स्थानों पर 25 कांवड़ शिविर स्थापित किए गए हैं। इस बीच 'मीट शॉप एसोसिएशन' के एक सदस्य ने 'पीटीआई भाषा' को बताया कि सरकार को व्यापार को त्योहारों से नहीं जोड़ना चाहिए।
