Sambhal News: बिजली चोरी के खिलाफ संभल में सख्ती, सात टीमों के साथ DM-SP खुद उतरे मैदान में
- Edited by: Nishant Tiwari
- Updated Jan 5, 2026, 09:56 AM IST
Sambhal News: संभल में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन ने देर रात बड़े अभियान को अंजाम दिया। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई खुद मैदान में उतरे, साथ ही कई वरिष्ठ अधिकारी और सात टीमें बनाई गईं। भारी पुलिस बल और बिजली विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में घर-घर कनेक्शन की जांच हुई। कई जगह अवैध केबल और कटिया सप्लाई पकड़ी गई।
कार्रवाई के विषय में जानकारी देते जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया
Sambhal News: संभल में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए देर रात एक बड़े अभियान को अंजाम दिया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई, जहां लंबे समय से बिजली चोरी की शिकायतें सामने आ रही थीं।
DM-SP खुद उतरे मैदान में
इस विशेष अभियान में जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई स्वयं मौके पर मौजूद रहे। उनके साथ अपर जिलाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, चार क्षेत्राधिकारी और तीन उपजिलाधिकारी भी शामिल थे। किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। बिजली विभाग की ओर से अधीक्षण अभियंता, एसडीओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी टीमों के साथ मौजूद रहे।
रातभर चली जांच
रात के अंधेरे में रायसत्ती थाना क्षेत्र से कई टीमें अलग-अलग इलाकों में रवाना की गईं। टीमों ने घर-घर जाकर बिजली कनेक्शनों की जांच की। इस दौरान कई स्थानों पर अवैध केबल, कटिया और सीधे मेन लाइन से जुड़ी सप्लाई पकड़ी गई। सांसद जियाउर्रहमान बर्क के मोहल्ले दीपा सराय में भी बिजली चेकिंग की गई, जहां संदिग्ध कनेक्शनों की बारीकी से जांच हुई। अभियान के दौरान एक बड़ा मामला सामने आया, जहां चोरी की बिजली से डेयरी का संचालन किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार करीब 550 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले एक बहुमंजिला मकान में अलग-अलग फ्लोर पर मीटर तो लगे थे, लेकिन बिजली की सप्लाई अवैध तरीके से ली जा रही थी। अधिकारियों ने इसे मिनी बिजलीघर की तरह संचालित होने वाला मामला बताया।
सात टीमों ने संभाली जिम्मेदारी
जिलाधिकारी ने बताया कि कुल सात टीमों का गठन किया गया है और उन क्षेत्रों को चुना गया है जहां लाइन लॉस 51 प्रतिशत से अधिक है। प्रशासन का लक्ष्य लाइन लॉस को घटाकर 10 से 15 प्रतिशत के औसत स्तर तक लाना है। शुरुआती कार्रवाई में ही बड़े पैमाने पर बिजली चोरी के प्रमाण मिले हैं।
अभियान रहेगा जारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान सिर्फ एक दिन का नहीं है, बल्कि आगे भी लगातार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी न सिर्फ सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आम उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त बोझ डालती है। इसलिए ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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