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आखिर कहां गई 400 साल पुरानी तोप? नरवर किले से गायब धरोहर की तलाश में राजस्थान-मध्य प्रदेश पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन

जाने-माने नरवर किले से करीब 400 साल पुरानी और 3.5 टन वजनी ऐतिहासिक तोप की चोरी के मामले में राजस्थान और मध्य प्रदेश पुलिस ने संयुक्त अभियान तेज कर दिया है। करौली जिले के कई इलाकों में खुदाई और मेटल डिटेक्टर की मदद से तलाशी जारी है, लेकिन अब तक तोप का कोई सुराग नहीं मिला है।

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नरवर किले से चोरी हुई तोप की तलाश तेज

Narwar Fort Cannon Theft: साल 2005 आई फिल्म 'बंटी और बबली' में एक एक अमेरिकी जोड़े को ताजमहल में बेच दिया जाता है। लेकिन वो रील की दुनिया थी और यह रियल वर्ल्ड है। यहां ताजमहल तो नहीं पर एक ऐतिहासिक किले की तोप चुरा ली जाती है। अब सवाल यह है कि इतनी बड़ी तोप का चोर करेंगे क्या? या इसे बेचने के लिए इसका ग्राहक कहां से ढूंढेंगे? इन्हीं सवालों के बीच राजस्थान और मध्य प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने नरवर किले से चोरी हुई तोप की तलाश में राजस्थान के करौली जिले में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

400 साल पुरानी और 3.5 टन वजनी तोप

अधिकारियों ने बताया कि करीब 400 साल पुरानी और 3.5 टन वजनी यह तोप पिछले सप्ताह मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित नरवर किले से चोरी हो गई थी। करौली पुलिस ने हालांकि शुक्रवार को बताया कि अब तक इस अभियान में कोई सफलता नहीं मिली है। करौली के सदर थाना प्रभारी गिर्राज प्रसाद ने कहा, "ऐसी सूचना मिली थी कि तोप को नरवर किले से करीब 250 किलोमीटर दूर करौली जिले के गांवड़ी मीणा गांव लाया गया है। इसी सूचना के आधार पर गांव में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।"

कहां ले कर गए तोप को?

प्रारंभिक जांच के अनुसार, कुछ लोग पिछले हफ्ते एक वाहन से नरवर किले के पिछले हिस्से में पहुंचे और वहां रखी 3,500 किलोग्राम वजनी तोप चोरी कर ले गए। करौली के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र पाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस ने जांच में सहयोग मांगा था। उन्होंने आगे कहा, "हम मामले की जांच कर रही मध्य प्रदेश पुलिस की टीम की सहायता कर रहे हैं। चार-पांच स्थानों पर खुदाई कराई गई, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।"

आखिर किसके हाथ लग सकती है तोप?

पुलिस को आशंका है कि चोरों ने तोप को जमीन में गाड़ दिया होगा। इसी आशंका के मद्देनजर करौली जिले में कई स्थानों पर एक्सकेवेटर मशीनों से खुदाई कराई गई। तलाशी अभियान में मदद के लिए भरतपुर से भूमिगत धातु का पता लगाने वाले उपकरण (अंडरग्राउंड मेटल डिटेक्टर) से लैस एक विशेष टीम को भी बुलाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अभियान के लिए 50 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है तथा गांव और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि जहां भी हाल में खुदाई के निशान दिखाई दे रहे हैं, उन सभी स्थानों की जांच की जा रही है। वहीं मध्य प्रदेश पुलिस को आशंका है कि अगर चोरी हुई तोप जल्द बरामद नहीं की गई तो वह प्राचीन कलाकृतियों की तस्करी करने वाले किसी संगठित गिरोह के हाथ लग सकती है।

बता दें कि मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में काली सिंध नदी के पास ⁠स्थित नरवर किला 500 फीट ऊंची पहाड़ी पर 8 वर्ग किमी में फैला है। 10वीं शताब्दी में कछवाह राजपूतों द्वारा निर्मित यह किला महाभारत काल में राजा नल की राजधानी 'नलपुरा' के रूप में प्रसिद्ध था।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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