विदेश में अच्छी नौकरी और सुरक्षित भविष्य का सपना लेकर रूस पहुंचे भारतीय युवाओं के साथ धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया है। जालंधर के रामनगर के रहने वाले आकाशदीप नामक युवक ने मॉस्को के पास घने जंगलों में बने एक कबाड़खाने जैसे घर से 5 अलग-अलग वीडियो मैसेज जारी कर अपनी आपबीती सुनाई है। आकाशदीप ने देश के युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी ट्रैवल एजेंट के बहकावे में आकर रूस न आएं।
नौकरी का झांसा देकर टूरिस्ट वीजा थमाया
पीड़ित आकाशदीप ने बताया कि उसने जालंधर के ही एक ट्रैवल एजेंट पवन कुमार के जरिए रूस का वीजा लगवाया था। एजेंट ने दावा किया था कि मॉस्को में फल तोड़ने का काम मिलेगा, जिसमें मोटी सैलरी, रहने के लिए एयर-कंडीशन्ड रूम और बढ़िया खाना मिलेगा। एजेंट ने वर्क वीजा का दावा किया था, लेकिन जब वह 15 जून 2026 को दिल्ली से मॉस्को पहुंचा, तो उसे पता चला कि उसे महज टूरिस्ट वीजा पर भेजा गया है। विरोध करने पर एजेंट ने कहा कि उसकी जिम्मेदारी सिर्फ रूस की धरती पर उतारने तक की थी, आगे क्या होता है उससे उसका कोई लेना-देना नहीं है।
घने जंगल में 10 लड़के एक टूटे कमरे में कैद
आकाशदीप के अनुसार, मॉस्को एयरपोर्ट पर एजेंट का एक प्रतिनिधि उन्हें लेकर गया और सीधे शहर से दूर घने जंगलों के बीच बने एक जर्जर कबाड़खाने नुमा मकान में छोड़ आया। आकाशदीप ने वीडियो जारी कर कहा कि हम घने जंगल के बीच एक टूटे-फूटे छोटे से कमरे में रहने को मजबूर हैं। एक बाथरूम जितने बड़े कमरे में ऊपर-नीचे बेड लगाकर हम 10 लोग सो रहे हैं। टॉयलेट का दरवाजा तक टूटा हुआ है। हमारे साथ हरियाणा और राजस्थान के भी लड़के फंसे हुए हैं। एजेंट का आदमी कहता है कि उसे पूरे पैसे नहीं मिले हैं, इसलिए वह हमें आगे नहीं ले जाएगा।
रूसी सेना में भर्ती करा रहे हैं एजेंट
आकाशदीप ने वीडियो में एक बेहद चिंताजनक खुलासा करते हुए बताया कि फर्जी ट्रैवल एजेंट भारतीय युवाओं को झांसा देकर रूस बुला रहे हैं और फिर जबरन या हालात से मजबूर करके उन्हें रूसी सेना में भर्ती करवा रहे हैं। उसने दावा किया कि हरियाणा और राजस्थान के कई युवाओं को पहले ही युद्ध क्षेत्र में धकेला जा चुका है।
आकाशदीप ने बताया कि उसकी मां जालंधर के एक अस्पताल में भर्ती हैं और वह यहां घने जंगलों में फंस चुका है।
