Rajasthan News: राजस्थान के तिजारा नगर परिषद में चेयरमैन पद के चुनाव से ठीक पहले हरियाणा के पंचकूला में सियासी हलचल तेज हो गई। कांग्रेस का आरोप है कि हिमाचल प्रदेश से लौट रहे उसके समर्थन वाले लगभग 18 पार्षदों को चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल प्लाजा के पास हरियाणा पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद कांग्रेस नेता और समर्थक पिंजौर थाने पहुंचे और पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरना दिया।
हालांकि, पंचकूला पुलिस ने कांग्रेस के इस आरोप को खारिज कर दिया है। एसीपी राम कुमार के मुताबिक, पुलिस को इन पार्षदों के लापता होने की सूचना मिली है और उनकी लोकेशन अंबाला या शाहबाद के आसपास होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है और पार्षदों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस का चंडीमंदिर के पास रोकने का आरोप
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि हिमाचल प्रदेश से राजस्थान लौट रहे 18 पार्षदों की बस और अन्य वाहनों को रविवार रात चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल प्लाजा के पास रोका गया। इसके बाद पार्षदों को पुलिस अपने साथ ले गई। इस घटनाक्रम की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस नेता और पार्षदों के परिजन पिंजौर थाने पहुंचे और वहां धरना शुरू कर दिया।
कांग्रेस का आरोप है कि तिजारा नगर परिषद में चेयरमैन पद के लिए मतदान से ठीक पहले पार्षदों को रोकना चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश है। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
पार्षदों को हिरासत में नहीं लिया - पुलिस
पंचकूला पुलिस के एसीपी राम कुमार ने कहा कि पुलिस को पार्षदों के लापता होने की जानकारी मिली है। जांच में उनकी लोकेशन अंबाला या शाहबाद के आसपास होने की सूचना मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा पुलिस की इस मामले में कोई भूमिका नहीं है।
एसीपी के मुताबिक, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पार्षदों को कौन लोग अपने साथ ले गए और घटना की वास्तविक स्थिति क्या है। जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तिजारा में आज होना है चेयरमैन का चुनाव
तिजारा नगर परिषद में चेयरमैन पद के लिए आज यानी सोमवार 21 सितंबर को मतदान होना है। मतदान निर्वाचित पार्षदों के बीच होना है। परिषद में कुल 35 वार्ड हैं और बहुमत का आंकड़ा 18 है। ऐसे में मतदान से कुछ घंटे पहले 18 पार्षदों को लेकर सामने आया यह विवाद चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण हो गया है। फिलहाल पूरे मामले में कांग्रेस के आरोप और पंचकूला पुलिस के आधिकारिक पक्ष में काफी अंतर है। अब जांच से यह साफ होगा कि पार्षदों के साथ वास्तव में क्या हुआ और वे मतदान में शामिल हो पाएंगे या नहीं।
