भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुजरात में अगले दो दिनों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए कई जिलों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक रामाश्रय यादव ने बताया कि दक्षिण गुजरात के साथ-साथ अहमदाबाद, आनंद, खेड़ा, भावनगर और बोटाद समेत कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा समुद्र में मौसम खराब रहने के मद्देनजर मछुआरों को अगले तीन दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
IMD के अनुसार, पहले दिन नर्मदा और सूरत जिलों में अत्यधिक भारी बारिश (Exceptionally Heavy Rainfall) होने की आशंका है। दक्षिण गुजरात के सभी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं अहमदाबाद, आनंद और खेड़ा के अलावा सौराष्ट्र क्षेत्र के भावनगर और बोटाद में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। राज्य के अधिकांश अन्य जिलों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि दूसरे दिन भी गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ के कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। तीसरे दिन गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि चौथे दिन से सातवें दिन के बीच अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता कम होकर हल्की से मध्यम रहने का अनुमान है।
खराब मौसम को देखते हुए IMD ने गुजरात के पूरे समुद्री तट पर अगले तीन दिनों तक मछुआरों के समुद्र में जाने पर रोक लगाने की सलाह दी है। इस दौरान 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि हवा के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। दक्षिण गुजरात तट के लिए लोकल कॉशनरी सिग्नल-3 (LC-3) भी जारी किया गया है। साथ ही अगले तीन दिनों तक तटीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
IMD ने बताया कि गुजरात में यह मौसम कई सक्रिय मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव का परिणाम है। विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश के आसपास बना गहरा दबाव शुक्रवार शाम कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है। वर्तमान में यह प्रणाली पश्चिमी विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश के पास स्थित है तथा अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में तब्दील होने की संभावना है।
इसके अलावा जैसलमेर से बंगाल की खाड़ी तक फैली सक्रिय मानसून ट्रफ, दक्षिण गुजरात से उत्तर केरल तक बनी ऑफ-शोर ट्रफ, उत्तर-पूर्व अरब सागर से दक्षिण गुजरात होते हुए डिप्रेशन तक फैला शियर ज़ोन और पश्चिमी विक्षोभ भी गुजरात में तेज बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं।
इन सभी मौसमी प्रणालियों को देखते हुए मौसम विभाग ने पहले और दूसरे दिन गुजरात, सौराष्ट्र तथा कच्छ के कई हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं तीसरे दिन भारी बारिश की संभावना के मद्देनजर येलो अलर्ट लागू रहेगा। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।
