Punjab Elections 2027: क्या भाजपा की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ग्रैंड ओल्ड पार्टी कांग्रेस में शामिल होने वाले हैं? ऐसे सवाल लगातार उठ रहे हैं। इस बीच, सुनील जाखड़ ने इस पर अपनी सफाई दी है और इन खबरों को 'बेबुनियाद' करार दिया।
सुनील जाखड़ ने गुरुवार को उन सोशल मीडिया पोस्ट को खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि वह कांग्रेस में फिर से शामिल होंगे और कहा कि वह भाजपा की 'सबका साथ, सबका विकास' विचारधारा को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
क्या कुछ बोले सुनील जाखड़?
सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मैंने कुछ सोशल मीडिया पोस्ट देखी, जिनमें यह सुझाव दिया गया है कि मैं कांग्रेस पार्टी में फिर से शामिल हो रहा हूं। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि ये बातें झूठी और बेबुनियाद हैं और इनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है।''
उन्होंने आगे खुद को भाजपाई बताते हुए स्पष्ट किया कि मैं भाजपा के साथ हूं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'सबका साथ, सबका विकास' की विचारधारा के लेकर प्रतिबद्ध हूं।
सुनील जाखड़ भाजपा में कब हुए थे शामिल?
2022 में पंजाब में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त के बाद सुनील जाखड़ ने पार्टी छोड़ने का प्लान बनाया और उन्होंने मई 2022 में कांग्रेस के चुनाव हारने के महज तीन माह बाद ही भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा में जाते ही सुनील जाखड़ का कद बढ़ गया।
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भाजपा ने सुनील जाखड़ पर दांव लगाते हुए उन्हें जुलाई 2023 में प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया। उन्होंने विधायक अश्वनी शर्मा की जगह राज्य इकाई के अध्यक्ष का पद संभाला था। इस वर्ष मई में जाखड़ की जगह केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा अध्यक्ष बनाया गया।
कांग्रेस के पूर्व नेता रहे सुनील जाखड़ अबोहर विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं और 2017 से 2019 तक गुरदासपुर से लोकसभा सदस्य रहे। वह पहले पंजाब कांग्रेस के प्रमुख और 2012 से 2016 के बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता थे।
