पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल दुष्कर्म और हत्या मामले में पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता मिली है। पीड़िता के शव का जबरन और आनन-फानन में अंतिम संस्कार करवाकर सबूत मिटाने के आरोपी पानीहाटी से टीएमसी के पूर्व विधायक निर्मल घोष को पुलिस ने ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया है।
निर्मल घोष की गिरफ्तारी के बाद जब खड़दह पुलिस स्टेशन से उन्हें बैरकपुर कोर्ट ले जाया जा रहा था, तब जनता का भारी गुस्सा देखने को मिला। वहां मौजूद उग्र लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और उन पर अंडे फेंके।
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परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर जल्दबाजी में शव का कराया दाह संस्कार
यह कार्रवाई पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई एक नई शिकायत (FIR) के आधार पर की गई है। शिकायत में परिजनों ने आरोप लगाया था कि घटना के ठीक बाद निर्मल घोष उन प्रमुख लोगों में शामिल थे, जिन्होंने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर जल्दबाजी में शव का दाह संस्कार करवाया, ताकि कोई दूसरा पोस्टमार्टम न हो सके और अहम सबूत नष्ट किए जा सकें।
पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया मुकदमा
पुलिस ने पूर्व विधायक के खिलाफ सबूत मिटाने, आपराधिक साजिश रचने और किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध काम करने पर मजबूर करने जैसी कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि इस परिवार की कानूनी मुश्किलें पहले से ही बढ़ी हुई हैं।
इससे पहले पूर्व विधायक के बेटे तीर्थंकर घोष को भी चुनाव बाद हुई हिंसा और लॉटरी घोटाले से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। अब पूर्व विधायक की गिरफ्तारी से इस मामले में नए और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
