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रांची में धरना दे रहे छात्रों को जिला प्रशासन ने टेंट लगाने से रोका, बारिश के बीच तिरपाल के सहारे डटे छात्र

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने बारिश से बचने के लिए उन्हें टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी। छात्रों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी के बावजूद वे अपनी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखेंगे।

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बारिश में भी जारी छात्रों का धरना, प्रशासन पर टेंट लगाने की अनुमति नहीं देने का आरोप

Photo : ANI

झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में धरने पर बैठे छात्रों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि बारिश से बचने के लिए उन्हें प्रशासन ने टेंट लगाने की अनुमति भी नहीं दी। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 29 जुलाई से धरने पर बैठे छात्र पांचवें दिन भी अपनी मांगों पर अड़े रहे। छात्रों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी के बावजूद वे अपनी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखेंगे।

बारिश में भी जारी है धरना

धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि वे कई दिनों से केवल एक छोटे तिरपाल के सहारे खुले आसमान के नीचे धूप और बारिश के बीच आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने लगातार बारिश के कारण बड़ा टेंट लगाने की कोशिश की, ताकि धरनास्थल पर मौजूद छात्रों को राहत मिल सके। हालांकि, प्रशासन ने बिना अनुमति का हवाला देते हुए उन्हें टेंट लगाने की इजाजत नहीं दी। धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि बारिश और खराब मौसम के बावजूद वे आंदोलन जारी रखेंगे। उनका आरोप है कि उन्हें धरनास्थल पर पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग

प्रदर्शनकारी छात्र 14वीं JPSC संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा, JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। साथ ही 19 अप्रैल को हुई 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और पिछले सात सालों में JPSC व JSSC द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई जा रही है।

छात्रों का आरोप है कि पहले भी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं, लेकिन उनमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि मौजूदा CID जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है, इसलिए मामले की जांच CBI और अन्य केंद्रीय एजेंसियों द्वारा कराई जानी चाहिए।

भर्ती प्रक्रिया में सुधार की भी मांग

छात्र भर्ती एजेंसियों में सुधार, OMR शीट में "Not Attempted" का पांचवां विकल्प जोड़ने और कथित गड़बड़ियों के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं होने से हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार कोई ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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