राँची

Jharkhand: पांच लाख रुपये का इनामी माओवादी एनकाउंटर में ढेर, एक गिरफ्तार

झारखंड के लातेहार में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। लातेहार पुलिस ने 5 लाख रुपए के इनामी नक्सली मनीष यादव को मार गिराया है। इसके अलावा, 10 लाख रुपए के इनामी नक्सली कुंदन खेरवार को भी गिरफ्तार किया है।

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5 लाख का इनामी माओवादी ढेर (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Photo : PTI

Maoist Encounter: पुलिस ने जानकारी दी कि झारखंड के लातेहार जिले में सोमवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (भाकपा-माओवादी) का एक सदस्य मारा गया है। उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। भाकपा-माओवादी भारत में प्रतिबंधित संगठन है। अधिकारी ने ये भी जानकारी दी कि अभियान के दौरान एक माओवादी को गिरफ्तार भी किया गया है।

सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रविवार रात महुआडांड़ थाना क्षेत्र के दौना के जंगल में मुठभेड़ हुई। पलामू के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) वाई एस रमेश ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि "सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में पांच लाख रुपये का इनामी माओवादी मनीष यादव मारा गया। एक और माओवादी, कुंदन खेरवार को गिरफ्तार किया गया है।"

इससे पहले, 23 मई को लातेहार में एक मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली मारे गए थे। इनमें से एक पर 10 लाख रुपए का और दूसरे पर पांच लाख रुपए का इनाम था। पुलिस को मिली इस कामयाबी को झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बहुत बड़ी सफलता कहा था।

अनुराग गुप्ता ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि "इस मुठभेड़ में मारा गया नक्सली पप्पू लोहरा राज्य का टॉप वांटेड अपराधी था। उसके खिलाफ 100 से अधिक मामले दर्ज थे। यह बहुत बड़ी सफलता है। पप्पू लोहरा के खिलाफ हत्या, जमीन लूट और अन्य संगीन अपराधों के कई मामले थे। वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के डिप्टी कमांडेंट की हत्या में भी वांटेड था। लातेहार में उसने कई लोगों की हत्याएं की थीं और जमीन हथियाई थी। एक तरह से कहा जाए तो धरती पर का एक बड़ा बोझ खत्म हुआ है।"

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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