Kal Ka Mausam 1 September 2026: सितंबर की शुरुआत के साथ देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। दिल्ली से लेकर यूपी, बिहार, राजस्थान और पहाड़ी राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। वहीं, पूर्वोत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के कई इलाकों में भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। बात अगर वेदर सिस्टम की करें तो समुद्र तल पर मानसून ट्रफ का पश्चिमी हिस्सा सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है, जबकि इसका पूर्वी सिरा अपने सामान्य स्थान के आसपास स्थित है।
वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के ऊपर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र (Well-Marked Low-Pressure Area) अब गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे लगे उत्तर तटीय ओडिशा तथा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के आसपास केंद्रित है। यह सिस्टम अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के हिस्सों को पार कर सकता है। इसके अलावा, निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्सों से लेकर इस निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) तक एक ट्रफ बनी हुई है। मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ के रूप में एक चक्रवाती परिसंचरण उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू संभाग के ऊपर सक्रिय है। वहीं, निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर पूर्वोत्तर असम और आसपास के इलाकों में भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इन सभी मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में बारिश और मौसम संबंधी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में कल आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। दोपहर से शाम के बीच राजधानी के कई इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। अधिकतर स्थानों पर न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य स्तर के करीब बने रह सकते हैं। सुबह के समय सतही हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा से चलेंगी, जिनकी रफ्तार करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। दोपहर में हवा की गति घटकर लगभग 12 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है और दिशा दक्षिण-पश्चिमी होने की संभावना है। शाम और रात के दौरान दक्षिण-पश्चिम दिशा से चलने वाली हवाएं फिर तेज होकर करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा की
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर प्रदेश में 1 सितंबर को मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है। खासतौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 सितंबर तक बारिश और वज्रपात की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 से 6 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त से 6 सितंबर के दौरान बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है और 2 से 6 सितंबर के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश, जबकि 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।
बिहार में अगले पांच दिनों का मौसम
बिहार में कल से लेकर अगले पांच दिनों तक मौसम सक्रिय और बारिश वाला रहने की आशंका है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। खासतौर पर 2 से 4 सितंबर के बीच बिहार में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है, जबकि 1 सितंबर तक कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। इसके अलावा बिहार में 1 से 4 सितंबर तक कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है।
राजस्थान में कल के मौसम का हाल
राजस्थान में 1 सितंबर को मौसम मिला-जुला रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी राजस्थान में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत सीमित रह सकती हैं। पूर्वी राजस्थान में 2 से 6 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। वहीं, 1 सितंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने और स्थानीय स्तर पर बारिश होने के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में 3 और 4 सितंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान में 2 से 6 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में 1 सितंबर को राजस्थान के खासकर पूर्वी हिस्सों में मौसम सुहावना होने के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
पहाड़ी राज्यों के लिए क्या है वेदर अलर्ट?
वहीं सितंबर की शुरुआत में देश के पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम के सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में 1 और 2 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि 3 से 6 सितंबर के बीच कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 1 से 4 सितंबर तक व्यापक स्तर पर बारिश होने के आसार हैं और 3 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। इसके बाद 5 और 6 सितंबर को भी हिमाचल के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। उत्तराखंड में 6 सितंबर तक कई जगहों पर बारिश का सिलसिला चल सकता है। राज्य में इस दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। खासतौर पर 1 सितंबर को उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश, जबकि 2 से 6 सितंबर के बीच अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी होगी जमकर बारिश
इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो यहां 1 से 6 सितंबर के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 1 से 3 सितंबर और फिर 5 से 6 सितंबर के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, असम और मेघालय में 1 से 6 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश होने के आसार हैं। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 5 सितंबर के बीच कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश में 1 से 2 सितंबर तक तथा असम-मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में 1 से 4 सितंबर के बीच कहीं-कहीं गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश ऐसा रहेगा मौसम
मध्य भारत में सितंबर के शुरुआती दिनों में बारिश का दौर सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 1 से 6 सितंबर के बीच छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश देखने को मिल सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1 और 2 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश होने के बाद 3 से 6 सितंबर के दौरान कई इलाकों में व्यापक बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 1 से 6 सितंबर के बीच कई जगहों पर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है और 1 से 5 सितंबर के दौरान कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में भी 1 से 4 सितंबर तक बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। वहीं, विदर्भ में 1 से 3 सितंबर तक कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है, जबकि 2 से 4 सितंबर के बीच गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। विदर्भ में 2 और 4 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश तथा 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी 1 से 4 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ मौसम बदल सकता है। कुल मिलाकर, सितंबर के शुरुआती सप्ताह में मध्य भारत के कई क्षेत्रों में बारिश, वज्रपात और कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा का असर देखने को मिल सकता है।
दक्षिण राज्यों में इस तरह से होगी सितंबर की शुरूआत
दक्षिण भारत में 1 से 6 सितंबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में 1 सितंबर तथा 5 से 6 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि 2 से 4 सितंबर के बीच इन क्षेत्रों में कई जगहों पर व्यापक बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 1 से 6 सितंबर तक कई इलाकों में बारिश जारी रहने के आसार हैं। इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु-पुडुचेरी क्षेत्र में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचकर 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक झोंके ले सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी 1 से 2 सितंबर और तेलंगाना में 1 सितंबर को तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है। कुल मिलाकर, सितंबर के शुरुआती दिनों में दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
