Jharkhand bandh: झारखंड की राजधानी रांची में स्थित आदिवासी धार्मिक स्थल ‘सरना स्थल’ के पास फ्लाईओवर के तहत एक रैंप के निर्माण के विरोध में विभिन्न संगठनों ने बुधवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है। बंद के तहत प्रदर्शनकारियों ने आज सुबह बिजूपाड़ा के पास रांची-डाल्टनगंज मार्ग को अवरुद्ध कर दिया और प्रदर्शन किया। पुलिस ने बताया कि पूरे झारखंड में, खासकर राजधानी रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं।
संगठन ने निकाला मशाल जुलूस
कई संगठनों ने मंगलवार शाम यहां मशाल जुलूस निकाला और सिरम टोली में नवनिर्मित रैंप को तत्काल हटाने की मांग की। उनका दावा है कि यह रैंप उनके धार्मिक स्थल तक पहुंचने में बाधा उत्पन्न कर रहा है और यातायात के कारण इसकी पवित्रता प्रभावित हो सकती है। उनकी अन्य मांगों में राज्य में अनुसूचित जनजाति समुदाय के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, पेसा अधिनियम का कार्यान्वयन और आदिवासी भूमि पर अतिक्रमण हटाना शामिल है।
यह फ्लाईओवर 2.34 किलोमीटर लंबा है और इसमें रेलवे लाइन पर 132 मीटर का हिस्सा भी शामिल है। यह सिरम टोली को मेकॉन से जोड़ेगा और इसका उद्देश्य क्षेत्र में यातायात की आवाजाही को आसान बनाना है। आदिवासी पुरुष और महिलाएं तीन जून को यहां जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्रित हुए और जुलूस निकाला तथा आरोप लगाया कि सरकार उनकी चिंताओं और भावनाओं की अनदेखी कर रही है। उनका कहना था कि जब सरहुल जैसे धार्मिक त्योहारों के दौरान हजारों लोग एकत्र होंगे, तो रैंप के कारण पवित्र स्थल तक पहुंचने में बाधा आएगी।
प्रशासन ने किया यातायात न बाधित करने का आग्रह
प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से यातायात को बाधित न करने का आग्रह किया है। 340 करोड़ रुपये की एलिवेटेड रोड परियोजना की शुरुआत अगस्त 2022 में की गई थी। इससे पहले 22 मार्च को 18 घंटे का रांची बंद बुलाया गया था, जिससे राजधानी में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ था। मार्च में बंद के दौरान, आंदोलनकारियों की हिनू और अरगोड़ा इलाकों सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में पुलिस के साथ झड़प हुई थी, जबकि हरमू, कांके, हिनू, कोकर-लालपुर, कांटाटोली और अन्य इलाकों में सड़कों को बांस के अस्थायी बैरिकेड से अवरुद्ध किया गया था।
(इनपुट - भाषा)
