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बारिश से बेहाल पहाड़ और मैदान! दिल्ली में अगस्त की बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड, हिमाचल में येलो अलर्ट; ओडिशा में फिर मंडराया भारी बारिश का खतरा

दिल्ली में अगस्त की औसत बारिश का आंकड़ा पार हो चुका है, जबकि आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में येलो अलर्ट के बीच कई सड़कें बंद हैं और बारिश से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। वहीं, ओडिशा में नदियों का जलस्तर घटने से बाढ़ की स्थिति सुधरी है, लेकिन अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की आशंका बनी हुई है।

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मानसून का तांडव जारी! (AI फोटो)

Monsoon News: इन दिनों मानसून की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। सबसे पहले अगर बात दिल्ली की करें तो यहां अगस्त की बारिश ने नया आंकड़ा छू लिया है और महीने के शुरुआती 21 दिनों में ही औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने राजधानी में आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है। उधर, हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में मध्यम बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण राज्य में कई सड़कें बंद हैं और बिजली व पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। ओडिशा में फिलहाल नदियों का जलस्तर घटने से बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने और तटीय व उत्तरी हिस्सों में भारी बारिश की आशंका बनी हुई है।

दिल्ली ने अगस्त की औसत बारिश का आंकड़ा पार किया

दिल्ली ने अगस्त महीने में होने वाली अपनी औसत बारिश का आंकड़ा पार कर लिया है, जहां सफदरजंग वेधशाला ने महीने के शुरुआती 21 दिनों में ही 235.3 मिलीमीटर (एमएम) बारिश दर्ज की है। इस सप्ताहांत के दौरान और अधिक बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। IMD ने शुरुआत में रिपोर्ट दी थी कि दिल्ली ने महीने की शुरुआत में ही अगस्त की अपनी औसत बारिश (233.1 मिलीमीटर) के आंकड़े को पार कर लिया है। हालांकि, बाद में आंकड़ों की प्रविष्टि में हुई एक गलती के कारण एक निश्चित तारीख के आंकड़ों में संशोधन किया गया, जिसके बाद पाया गया कि दिल्ली उस समय औसत मासिक स्तर से नीचे थी। गुरुवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वेधशाला-वार आंकड़ों के अनुसार, पालम में अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक था। वहीं, लोधी रोड में तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। रिज क्षेत्र में तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक यानी 35.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि आया नगर में 35.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक था। आईएमडी के अनुसार शुक्रवार को रात में बहुत हल्की बारिश और शनिवार को मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। दिल्ली में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक यानी 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पालम में न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम था, जबकि लोधी रोड में यह सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक यानी 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रिज क्षेत्र में न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.1 डिग्री अधिक के साथ 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि आया नगर में यह सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक यानी 27.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय हवा में सापेक्ष आर्द्रता 60 प्रतिशत दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शाम पांच बजे 111 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है।

हिमाचल प्रदेश के चार जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी

हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में शनिवार को मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया। मौसम विभाग ने राज्य में 27 अगस्त तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। येलो अलर्ट बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए जारी किया गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, शुक्रवार सुबह तक राज्य में 128 सड़कों पर यातायात बंद रहा। इसके अलावा 18 ट्रांसफॉर्मर और पेयजल आपूर्ति की 52 योजनाएं भी प्रभावित हुईं। मंडी में सबसे अधिक 52 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं जबकि कुल्लू में 43, चंबा में नौ, कांगड़ा व सिरमौर में छह-छह, शिमला और ऊना में पांच-पांच तथा लाहौल-स्पीति में दो सड़कें बंद रहीं। राज्य के कुछ हिस्सों में गुरुवार शाम से हल्की बारिश हुई। नाहन में सबसे अधिक 13.8 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई जबकि पांवटा में 12 मिमी, ओलिंडा में 9.6 मिमी, बग्गी में 6.8 मिमी, धौलाकुआं में 5.5 मिमी और रायपुर मैदान में पांच मिमी बारिश दर्ज की गई। राज्य में एक से 21 अगस्त के बीच 168.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 193.4 मिलीमीटर होती है। इस तरह राज्य में बारिश में 13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। अधिकारियों ने बताया कि 30 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से बारिश से जुड़ी घटनाओं में 88 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य को बारिश से संबंधित घटनाओं में अब तक करीब 1,108 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

ओडिशा में नदियों का जलस्तर घटने से बाढ़ की स्थिति में सुधार

ओडिशा में बाढ़ की स्थिति में शुक्रवार को सुधार के संकेत दिखे, क्योंकि अधिक बारिश नहीं होने के कारण प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया। सुधरे हालात से राज्य सरकार को राहत कार्य तेज करने में मदद मिली। हालांकि, यह राहत ज्यादा समय तक रहने की संभावना नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार से 27 अगस्त तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान तटीय और उत्तरी ओडिशा में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि ये क्षेत्र इस साल पहले ही दो बार बाढ़ का सामना कर चुके हैं। राज्य सरकार ने एक बयान में कहा कि बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में बचाव एवं राहत अभियान चुनौतीपूर्ण रहा, जहां 13.44 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। सुंदरगढ़ जिले को भी शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित जिलों की सूची में शामिल किया गया। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय ने बताया कि शुक्रवार को प्रमुख नदियों में जलस्तर घटने का रुख देखा गया और वे खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। इसके अनुसार, 880 राहत केंद्रों में 4,87,350 लोगों को आश्रय दिया गया है। एसआरसी राजेश पी. पाटिल ने कहा, "सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्य जारी हैं तथा स्थिति पर चौबीस घंटे नजर रखी जा रही है।" प्रभावित जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), अग्निशमन सेवा, पुलिस और नागरिक सुरक्षाकर्मियों की 126 बचाव टीमें तैनात की गई हैं। राज्य सरकार ने बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए 93 चिकित्सा सहायता दल भी तैनात किए हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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