भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने मंदिरों में चढाए जाने वाले भोग प्रसाद की गुणवत्ता परखने के लिए एक खास पहल शुरू की है। इस पहल के तहत आज अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में भगवान राम को अर्पित किए जाने वाले प्रसाद की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए विशेष ऑडिट और निरीक्षण अभियान चलाया गया। खाद्य आयुक्त माणिक चंद्र सिंह ने इस बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण(FSSAI) ‘ईट राइट’ पहल के तहत ‘भोग’(Blissful Hygienic Offering to God) कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। माणिक चंद्र सिंह के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंदिरों में देवताओं को चढ़ाया जाने वाला प्रसाद पूरी तरह स्वच्छ,सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक हो।
राम जन्मभूमि परिषद में कार्यक्रम आयोजित
उन्होंने बताया कि बुधवार को इस पहले के तहत सुबह 11 बजे राम जन्मभूमि परिषद में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रसाद तैयार करने वाले रसोइयों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। निरीक्षण के दौरान स्टोर रूम, फ्रिज और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की गई और सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गईं। अब गुरुवार को पोस्ट-ऑडिट किया जाएगा, जिसके बाद प्रमाणन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
FSSAI द्वारा नामित ऑडिट एजेंसी आरडीआर क्वालिटी सर्टिफिकेशन प्राइवेट लिमिटेड और ट्रेनिंग पार्टनर एसडी ग्लोबल ने यह अभियान चलाया। कार्यक्रम में चंपत राय समेत ट्रस्ट और प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रसाद निर्माण से जुड़े कुल 12 रसोइयों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
फूड हैंडलर्स का मेडिकल परीक्षण भी हुआ
इसके साथ ही प्रसाद तैयार करने वाले सभी फूड हैंडलर्स का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। सीएमओ द्वारा नामित मेडिकल अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी कर्मचारी को टीबी, त्वचा रोग या अन्य संक्रामक बीमारी न हो।
एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी भी किया जाएगा नामित
अधिकारियों के अनुसार खीर, छप्पन भोग और अन्य प्रसाद की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी भी नामित किया जाएगा, जो हर 7 से 10 दिन में नियमित और कभी-कभी 24 घंटे के भीतर औचक निरीक्षण करेगा।
प्री और पोस्ट-ऑडिट की रिपोर्ट पोर्टल पर होगी अपलोड
FSSAI के अनुसार प्री-ऑडिट और पोस्ट-ऑडिट की रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि ऑडिट प्रक्रिया पूरी होने के 48 घंटे से लेकर तीन दिनों के भीतर राम जन्मभूमि परिसर को ‘भोग सर्टिफिकेशन’ प्रदान कर दिया जाएगा, जिसे ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को सौंपा जाएगा।
