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भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल की बड़ी लापरवाही? डिलीवरी के बाद 5 महिलाओं की मौत, सील किया गया ऑपरेशन थिएटर

Bhilwara Hospital Maternal Deaths: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के सबसे बड़े महात्मा गांधी चिकित्सालय में पिछले एक हफ्ते में 5 गर्भवती महिलाओं की मौत से हड़कंप मच गया है। इसी बीच अस्पताल के एक ऑपरेशन थिएटर की सैंपलिंग रिपोर्ट में बैक्टीरिया पॉजिटिव पाया गया है, जिसके बाद प्रशासन ने उस थिएटर को तुरंत बंद कर दिया है।

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भीलवाड़ा महात्मा गांधी चिकित्सालय

Photo : Times Now Digital

Bhilwara Hospital Maternal Deaths: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महात्मा गांधी चिकित्सालय (Mahatma Gandhi Hospital Bhilwara) में पिछले एक सप्ताह के भीतर पांच प्रसूताओं (हाल ही में मां बनी महिलाओं) की अचानक मौत हो गई है। इस गंभीर घटना ने जहां एक तरफ स्वास्थ्य महकमे में खलबली मचा दी है, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल के एक ऑपरेशन थिएटर की रूटीन सैंपलिंग रिपोर्ट में बैक्टीरिया पॉजिटिव मिलने से हड़कंप और ज्यादा बढ़ गया है।

इस संवेदनशील मामले पर मुस्तैदी दिखाते हुए अस्पताल प्रशासन ने उस ऑपरेशन थिएटर को तीन दिन पहले ही पूरी तरह बंद कर दिया था। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि अस्पताल के आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर की नियमित तौर पर सैंपलिंग करना संक्रमण नियंत्रण की एक सामान्य प्रक्रिया है। इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी के नियमों के तहत समय-समय पर अस्पतालों में सफाई, स्टरलाइजेशन और फ्यूमिगेशन (धुआं छोड़कर कीटाणुनाशक प्रक्रिया) किया जाता है।

तीन दिन से बंद है ऑपरेशन थिएटर

डॉ. गौड़ के मुताबिक, जैसे ही इस खास ऑपरेशन थिएटर की सैंपलिंग रिपोर्ट मानकों के विपरीत आई और उसमें बैक्टीरिया की पुष्टि हुई, वहां काम तुरंत रोक दिया गया। पिछले तीन दिनों से उस पूरे हिस्से को सैनिटाइज किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक दोबारा ली जाने वाली सैंपल्स की रिपोर्ट पूरी तरह से नेगेटिव नहीं आ जाती, तब तक उस थिएटर में किसी भी मरीज का ऑपरेशन नहीं किया जाएगा।

मौत की असली वजह तलाश रही विशेषज्ञों की टीम

पांच प्रसूताओं की मौत का मामला बेहद गंभीर है, इसलिए अस्पताल प्रशासन ने इसकी तह तक जाने के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों और विशेषज्ञों की एक विशेष जांच कमेटी का गठन कर दिया है। इस कमेटी में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एक्सपर्ट, सर्जरी विभागाध्यक्ष, गायनी (स्त्री रोग) विभागाध्यक्ष और एनेस्थीसिया के हेड शामिल किए गए हैं। यह हाई-लेवल कमेटी इस बात की बारीकी से जांच करेगी कि प्रसूताओं की मौत के पीछे असल चिकित्सकीय कारण क्या थे, और क्या ऑपरेशन थिएटर में मिले बैक्टीरिया का इन मौतों से कोई सीधा संबंध है या नहीं। फिलहाल, जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है ताकि सच सामने आ सके।

monu jha
मोनू झा author

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कं... और देखें

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