उत्तराखंड पर इन दिनों मानसून ज्यादा ही मेहरबान है। जिस बारिश का लोगों को प्रचंड गर्मी के बीच काफी इंतजार था, वही बारिश अब मुसीबत बनकर टूट रही है। उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में इन दिनों जोरदार बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में तो 4-5 दिन से लगातार बारिश हो रही है। इसी दौरान भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर भूस्खलन (Landslide) से रास्ता बंद हो गया है। इस रास्ते को खोलने के लिए मौके पर प्रशासन मौजूद है और जेसीबी की मदद से रास्ता खोलने का हर संभव प्रयास हो रहा है।
बता दें कि भवाली-अल्मोड़ा हाईवे कुमाऊं के बड़े क्षेत्र को मैदानी इलाके से जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। इसी रास्ते में भीमताल, भवाली, कैची, खैरना और इसी सड़क से एक मार्ग रानीखेत के लिए भी जाता है। इस हाईवे के बंद होने से वाहनों को भतरोजखान होते हुए रामनगर के रास्ते जाना होगा या अल्मोड़ा से चमोली व टनकपुर होते हुए मैदानी इलाकों की ओर जाना होगा। यह दोनों ही रूट बहुत लंबे हैं।
भतरोजखान रोड से रामनगर जाने के लिए भी चिमटाखाल रोड से जाना होगा, क्योंकि मोहान के पास रामनगर-रानीखेत पर मौजूद एक पुल बह गया है। इसके कारण रामनगर से भतरोजखान के बीच इस रूट पर गाड़ियां नहीं चल रही हैं। रामनगर से रानीखेत या भतरोजखान जाने के लिए चिमटाखाल रोड से जाना होगा, जिसे कम सुरक्षित माना जाता है।
खटीमा में बाढ़ जैसे हालात
उधर उत्तराखंड़ के मैदानी इलाकों में भी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं। पहाड़ी इलाकों से आने वाली नदियां भी मैदानी इलाकों में लाखों गैलन पानी ले आती हैं। ऐसे में मैदानी इलाकों में भी बारिश के कारण यहां बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।यहां हम उधमसिंह नगर जिले के खटीमा का एक वीडियो शेयर कर रहे हैं। यहां एक टोल प्लाज के पास पानी का सैलाब दिख रहा है। मोटरसाइकिल अन्य गाड़ियां इस सैलाब को पार करके किसी तरह अपने गंतव्य की ओर जाते दिख रहे हैं।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार परेशानी की वजह से नदी-नाले उफान पर हैं। गढ़वाल क्षेत्र में भी बारिश से नुकसान की खबरें हैं।
