पुणे

Pune: यवत में हिंसा को लेकर 500 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR, 18 आरोपी हिरासत में

पुणे के यवत गांव में शुक्रवार को एक आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई। पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया और 500 से अधिक के खिलाफ पांच FIR दर्ज कीं। हिंसा में संपत्ति को नुकसान पहुंचा। स्थिति अब नियंत्रण में है, सुरक्षा बल तैनात हैं और जांच जारी है।

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हिंसा के बाद पुलिस सुरक्षा चाक चौबंद (सांकेतिक तस्वीर | iStock)

Photo : iStock

Pune News: पुणे जिले के यवत गांव में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर भड़की सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया है और 500 से अधिक लोगों के खिलाफ कुल पांच FIR दर्ज की हैं।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक स्टेटस लगाने वाले युवक समेत 17 अन्य लोगों को यवत में आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक स्थानीय अदालत ने उनमें से 15 आरोपियों को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

शुक्रवार को हुई थी घटना

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आक्रोश के कारण शुक्रवार दोपहर यवत गांव में सांप्रदायिक तनाव फैल गया और हिंसा की अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। इस दौरान लोगों के समूहों ने तोड़फोड़ की और संपत्तियों को आग लगा दी।

यवत पुलिस थाने के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी भाषा से कहा कि, "हमने हिंसा के सिलसिले में अब तक कुल पांच मामले दर्ज किए हैं। इनमें से चार मामले 500 से अधिक लोगों के खिलाफ हैं, जो कथित तौर पर आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में संलिप्त थे। इनमें से 100 से अधिक लोगों की पहचान हो चुकी है।" आपत्तिजनक स्टेटस लगाने वाले युवक समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 17 में से 15 लोगों को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें छह अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

यवत में हालात काबू में

हिंसा में शामिल लोगों ने एक मोटरसाइकिल, दो कारों, एक धार्मिक स्थल और एक बेकरी को निशाना बनाया और आगजनी की। पुलिस के मुताबिक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। यवत में कर्फ्यू लागू कर दी गई है और स्थिति नियंत्रण में है।

गांव में ही रहता है आरोपी

पुणे के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप सिंह गिल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच किसी सुनियोजित साजिश की ओर इशारा नहीं करती और जांच पूरी होने तक कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि "शनिवार दोपहर तक, पुलिस ने घटना के संबंध में पांच प्राथमिकी दर्ज की हैं। जिस व्यक्ति की आपत्तिजनक पोस्ट के कारण हिंसा भड़की, वह सालों से उस गांव में रहता है।

गिल ने आगे कहा कि "राज्य रिजर्व पुलिस बल (CRPF) समेत सुरक्षाकर्मियों की एक बड़ी टुकड़ी गांव में तैनात की गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार रात से भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू कर दी है, और आगे की स्थिति का आकलन होने तक ये निषेधाज्ञाएं लागू रहेंगी।"

पुलिस की है पैनी नजर

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणेश बिरादर ने समाचार एजेंसी भाषा से कहा कि सोशल मीडिया मंच पर नजर रखी जा रही है और गांवों में नजर रखने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक 16-17 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

नेताओं के भी आए बयान

दौंड विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक राहुल कुल ने भी शुक्रवार रात हिंसा प्रभावित गांव का दौरा किया और कोल्हापुर रेंज के विशेष महानिरीक्षक सुनील फुलारी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। मौजूदा स्थिति के बारे में पूछे जाने पर एक ग्रामीण ने कहा, "अभी तनाव नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है। हमारे आस-पास के सभी लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं, लेकिन किसी आपत्तिजनक स्थिति को लेकर झड़पें शुरू हो गईं।"

शुक्रवार को पुणे दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि एक युवक ने एक हिंदू पुजारी के बलात्कार के मामले में शामिल होने के बारे में एक आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड की थी, जिससे स्थानीय निवासी नाराज हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। यवत में स्थिति अब नियंत्रण में है और शांति बनी हुई है। दोनों समुदायों के लोग एकजुट हैं और तनाव घटाने के प्रयास जारी हैं। कुछ लोग तनाव पैदा करने के लिए ही ऐसी आपत्तिजनक पोस्ट डालते हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने का अधिकार नहीं है।"

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि जिस युवक ने कथित तौर पर आपत्तिजनक व्हाट्सएप पोस्ट अपलोड किया था, वह नांदेड़ का रहने वाला है और एक दिहाड़ी मजदूर है। उसने मध्य प्रदेश में हुई एक घटना से संबंधित एक आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी, जिससे स्थानीय निवासी भड़क गए और उन्होंने तोड़फोड़ की।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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