पुणे में तेंदुए के हमले से 13 साल के लड़के की हुई मौत (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)
Pune Leopard Attack: महाराष्ट्र के पुणे जिले के शिरुर तालुका में रविवार देर शाम एक हृदयविदारक घटना घटी, जहां तेंदुए के हमले में 13 वर्षीय बालक की जान चली गई। यह हादसा पिंपरखेड गांव के पास हुआ और इससे पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। जानकारी के अनुसार, बच्चा गांव के पास खेल रहा था, तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। हमले में बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों के पहुंचने तक तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के कार्यालय और वाहनों में आग लगा दी, सड़कों पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, और वातावरण तनावपूर्ण बना हुआ है।
बच्चे की मौत के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की कथित लापरवाही को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बीते कई दिनों से तेंदुए की हलचल देखी जा रही थी, लेकिन विभाग ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। इस लापरवाही से आक्रोशित लोगों ने वन विभाग के दफ्तर और उसके वाहनों में आग लगा दी, साथ ही वेल्हे, जेजुरी और अष्टविनायक राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया।
ग्रामीणों ने मृतक बालक का शव घर के बाहर रखकर प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने मांग की कि जब तक वन मंत्री या जिला कलेक्टर मौके पर नहीं पहुंचते, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस विरोध के चलते राजमार्गों पर कई घंटों तक यातायात ठप रहा और लंबा जाम लग गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, हालांकि माहौल अब भी तनावपूर्ण बना हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी पहले से थी, फिर भी न तो निगरानी बढ़ाई गई और न ही कोई पिंजरा लगाया गया। उनका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीमें क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं और तेंदुए की तलाश जारी है।