शहर

Pune News: तनिषा भिसे मौत केस में बड़ा कदम, दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल के ट्रस्टियों पर केस दर्ज

पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल से जुड़े तनिषा भिसे मौत मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। अप्रैल 2024 की इस घटना में अस्पताल पर आरोप है कि 10 लाख रुपये की डिपॉजिट राशि न जमा करने पर मरीज को भर्ती करने से इनकार कर दिया गया था। इस मामले ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा किया था। जांच समिति ने अस्पताल के डॉक्टर को लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया और पुलिस ने केस दर्ज किया। अब संयुक्त चैरिटी आयुक्त कार्यालय ने भी अस्पताल के ट्रस्टियों के खिलाफ अदालत में मामला दायर किया है।

Deenanath Mangeshkar Hospital news

ट्रस्टियों के खिलाफ कोर्ट में चलेगा मुकदमा (सांकेतिक चित्र)

Pune News: पुणे स्थित दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल से जुड़े बहुचर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। संयुक्त चैरिटी आयुक्त कार्यालय ने अप्रैल 2024 में मरीज तनिषा भिसे की मौत के मामले में अस्पताल के ट्रस्टियों के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज किया है। समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।

मरीज को भर्ती करने से किया था इनकार

तनिषा भिसे, जो भाजपा MLC अमित गोरखे के निजी सचिव की पत्नी थीं, को कथित तौर पर 10 लाख रुपये की डिपॉजिट राशि न जमा करने पर दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती करने से इनकार कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जुड़वां बेटियों को जन्म देने के बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना के सामने आने के बाद पुणे समेत पूरे राज्य में भारी जन आक्रोश देखने को मिला। मामले की जांच के लिए ससून जनरल अस्पताल की एक समिति बनाई गई थी, जिसने दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल के डॉक्टर सुश्रुत घैसास को लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया। इसके आधार पर पुणे पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया था।

ट्रस्टियों के खिलाफ मामला दायर

इधर, संयुक्त चैरिटी आयुक्त कार्यालय ने भी इस पूरे मामले की अलग से जांच की। जांच में यह सामने आया कि अस्पताल ने आपातकालीन स्थिति में मरीज को जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में गंभीर चूक की। इसके बाद चैरिटी आयुक्त कार्यालय ने अस्पताल के ट्रस्टियों के खिलाफ अदालत में मामला दायर किया है। हालांकि, दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि उन्हें अभी तक चैरिटी आयुक्त की कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। अस्पताल के अनुसार, तनिषा भिसे को करीब चार घंटे तक मॉनिटर किया गया था और बाद में उनके परिजनों ने डॉक्टरों को बिना बताए उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाने का फैसला किया।

अस्पताल की ओर से जारी बयान में दावा किया गया कि परिवार मरीज को निजी वाहन से लेकर चला गया था और अस्पताल का एक डॉक्टर उनके पीछे दौड़ा भी, लेकिन वे नहीं रुके। फिलहाल यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Cities News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

 Nishant Tiwari
Nishant Tiwari author

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृ... और देखें

End of Article