Karti Chidambaram Nishikant Dubey Fight: संसद के जारी सत्र के दौरान मंगलवार की शाम संसद भवन परिसर में उस समय भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जब कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे के बीच ब्रिटेन की एक कंपनी को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई। मीडिया कैमरों के सामने संसद की सीढ़ियों के पास हुई इस झड़प के दौरान दोनों नेताओं के बीच काफी तल्खी नजर आई। विवाद बढ़ता देख कार्ति चिदंबरम यह कहते हुए वहां से निकल गए कि वह निशिकांत दुबे को यूके की कंपनियों के कामकाज का तरीका विस्तार से समझाएंगे।
क्या है पूरा माजरा?
दोनों सांसदों के बीच बहस की मुख्य वजह निशिकांत दुबे द्वारा लगाए गए वे संगीन आरोप हैं, जिनमें उन्होंने एक भारतीय सांसद पर देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल विदेशी कंपनी से जुड़े होने का दावा किया है। निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया है कि एक प्रमुख भारतीय सांसद ब्रिटेन स्थित कंपनी 'बैकऑप्स लिमिटेड' में डायरेक्टर रह चुके हैं, लेकिन उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में इस जानकारी को पूरी तरह छिपाया है।
भाजपा सांसद ने उक्त ब्रिटिश कंपनी पर भारत-विरोधी एजेंडे में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए हैं और इस संबंध में लगातार सवाल उठा रहे हैं। विवाद पर कार्ति चिदंबरम ने मीडिया से कहा कि निशिकांत दुबे को शायद यह नहीं मालूम कि ब्रिटेन में कंपनियां कैसे पंजीकृत और संचालित होती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे कल निशिकांत दुबे को यह प्रक्रिया मुफ्त में समझाएंगे।
अजिताभ बच्चन का जिक्र कैसे आया?
संसद परिसर में हुई इस झड़प के बाद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर कर कई नए और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुबे ने दावा किया कि जिस लंदन वाले पते (2 Frongal Way, London NE3 6XE) पर 'बैकऑप्स लिमिटेड' पंजीकृत थी, उसी पते पर 'एशिया टीवी लिमिटेड' का कार्यालय भी चलता था, जिसके मालिक अजिताभ बच्चन थे। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर दोनों परिवारों के बीच बातचीत बंद थी, तो उक्त सांसद की कंपनी अजिताभ बच्चन के पते पर कैसे पंजीकृत हुई और किन परिस्थितियों में अमिताभ बच्चन को संसद से इस्तीफा देना पड़ा था।
दुबे ने कांग्रेस के पूर्व सांसद एडवर्ड फलेरियो, मैकनाइट (Mcnight) नामक व्यक्ति और उक्त कंपनी के संबंधों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि किस रक्षा सौदे का 'ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट' मैकनाइट को सौंपा गया था।
