Assam Flood News: असम में भीषण बाढ़ से स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। मंगलवार को शिवसागर जिले से 7 और लोगों की डूबने से मौत की खबर सामने आई है। जिसके बाद असम में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 75 हो गई है। इसके बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रभावित परिवारों के लिए बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है।
इन 7 जिलों में बाढ़ का कहर
असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DRIMS) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 7 जिलें फिलहाल बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। जिनमें शिवसागर, चराईदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, सोनितपुर और कामरूप (मेट्रो) शामिल हैं। 21 राजस्व सर्किलों के 622 गांवों की 3.32 लाख से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में बनी हुई है।
खेतों में पानी भरने से डूबी फसलें
बाढ़ के कारण खेतों को भारी नुकसान पहुंचा है और लगभग 45,341 हेक्टेयर फसल भूमि पानी में डूबी हुई है। नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, हालांकि किसी भी नदी ने अब तक के उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड पार नहीं किया है।
मुख्यमंत्री ने की बड़ी राहत पैकेज की घोषणा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए एक बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को कुल 9 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसमें 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 5 लाख रुपये शामिल हैं। 30 दिन से अधिक समय से लापता लोगों के परिवारों को भी 4 लाख रुपये की सहायता मिलेगी।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को मदद
सरकार एक लाख से अधिक गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को आवश्यक जरूरतों के लिए 15,000 रुपये नकद राशि देगी। इसके अलावा 1 अगस्त से 'ओरुणोदोई' (Orunodoi) योजना फिर से शुरू होगी। बाढ़ प्रभावित जिलों के लाभार्थियों को इस महीने 2,500 रुपये की विशेष किस्त मिलेगी।
छात्रों और शिक्षा के लिए विशेष सहायता
बाढ़ प्रभावित जिलों के छात्रों को 1 अगस्त से पुस्तक सहायता दी जाएगी। इसके तहत हायर सेकेंडरी छात्रों को 1,000 रुपये से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों को 5,000 रुपये तक की मदद मिलेगी। इसके साथ ही छात्रों को सिलेबस की किताबें मुफ्त में दी जाएंगी और स्कूल यूनिफॉर्म के लिए भी सहायता मिलेगी। बाढ़ में खोई हुई 10वीं और 12वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट्स भी बिना शुल्क के दोबारा जारी किए जाएंगे।
