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8th Pay Commission पर सरकार का बड़ा बयान, प्रगति रिपोर्ट देना जरूरी नहीं, वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा में बताया

8th Pay Commission Latest Update: 8वें वेतन आयोग को केंद्र सरकार को प्रगति रिपोर्ट देना जरूरी नहीं होगा। वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा में बताया कि आयोग ToR के अनुसार स्वतंत्र रूप से काम करेगा और 18 महीने में रिपोर्ट देगा।

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8th Pay Commission: वेतन आयोग को मिली काम करने की पूरी स्वतंत्रता

Photo : iStock

8th Pay Commission Latest Update : केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग को लेकर संसद में बड़ी जानकारी दी है। वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा में स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग को अपनी बैठकों, विचार-विमर्श और तैयारियों की प्रगति के बारे में समय-समय पर केंद्र सरकार को जानकारी देना जरूरी नहीं है। आयोग अपने कामकाज की प्रक्रिया खुद तय करने के लिए स्वतंत्र है। सरकार ने बताया कि 8वें वेतन आयोग को उसके Terms of Reference (ToR) के अनुसार काम करने की पूरी छूट दी गई है। आयोग अपनी प्रक्रिया तय करेगा और कर्मचारियों, पेंशनभोगियों तथा अन्य हितधारकों से बातचीत के बाद अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।

राज्यसभा में पूछे गए थे कई सवाल

राज्यसभा सांसद जावेद अली खान ने 8वें वेतन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल पूछे थे। इनमें आयोग की अब तक हुई बैठकों की संख्या, कर्मचारी संगठनों के साथ हुई बातचीत, फिटमेंट फैक्टर को लेकर कर्मचारियों की मांग और रिपोर्ट जमा करने की संभावित तारीख से जुड़े सवाल शामिल थे। इन सवालों के जवाब में वित्त मंत्रालय ने बताया कि आयोग को सरकार को अपनी आंतरिक चर्चा और विचार प्रक्रिया की जानकारी देना अनिवार्य नहीं है।

कर्मचारियों और संगठनों से जारी है बातचीत

8वां वेतन आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के साथ बैठकें कर रहा है। आयोग ने केंद्रीय सरकारी संगठनों, कर्मचारी संघों और मान्यता प्राप्त यूनियनों से सुझाव मांगे हैं। आयोग की ओर से दिल्ली, चेन्नई और पुडुचेरी समेत कई शहरों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसमें वे संगठन और कर्मचारी प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने आयोग के पोर्टल पर अपना ज्ञापन जमा किया है। बैठकों में शामिल होने के लिए संबंधित संगठनों को तय समय सीमा के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ आयोग पोर्टल से प्राप्त यूनिक मेमो आईडी भी देनी होगी।

नवंबर 2025 में हुआ था 8वें वेतन आयोग का गठन

केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया था। इसके लिए रंजना प्रकाश देसाई को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं प्रोफेसर पुलक घोष को अंशकालिक सदस्य और पंकज जैन को सदस्य-सचिव बनाया गया है। इस आयोग का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन, भत्तों और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करना है। आयोग यह अध्ययन करेगा कि मौजूदा वेतन व्यवस्था में किन बदलावों की जरुरत है और भविष्य के लिए किस तरह का वेतन ढांचा तैयार किया जाना चाहिए।

18 महीने में देनी होगी अंतिम रिपोर्ट

केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया है। आयोग का गठन नवंबर 2025 में हुआ था, इसलिए इसे मई-जून 2027 तक अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपनी होंगी। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि सरकार की ओर से जारी प्रस्ताव के अनुसार आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें देनी हैं।

Terms of Reference क्या है?

Terms of Reference यानी ToR एक आधिकारिक दस्तावेज होता है, जिसमें किसी आयोग के काम का दायरा, जिम्मेदारियां, उद्देश्य और कार्य करने का तरीका तय किया जाता है। 8वें वेतन आयोग के लिए ToR को केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर 2025 को मंजूरी दी थी। इसके तहत आयोग को अपनी कार्यप्रणाली खुद तय करने का अधिकार दिया गया है। इसका मतलब है कि आयोग किससे बातचीत करेगा, कितनी बैठकें करेगा और किस आधार पर सिफारिशें तैयार करेगा, यह फैसला वह खुद कर सकता है।

कर्मचारियों को सैलरी और पेंशन में बदलाव की उम्मीद

8वें वेतन आयोग से लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी उम्मीदें हैं। कर्मचारी संगठन लंबे समय से वेतन वृद्धि, भत्तों में सुधार और फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने जैसी मांगें उठा रहे हैं। हालांकि, अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा। फिलहाल आयोग अपनी प्रक्रिया के अनुसार काम कर रहा है और तय समय सीमा में रिपोर्ट देने की तैयारी में जुटा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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