UP News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफिया डॉन अतीक अहमद के छोटे बेटे अली अहमद को एक और कानूनी झटका लगा है। सेशन कोर्ट ने झांसी जेल में बंद अली अहमद की जमानत याचिका खारिज कर दी है, जो बिल्डर से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने और जमीन अपने नाम कराने के दबाव के मामले से जुड़ी थी।
क्या था अली का पूरा मामला
यह घटना 26 अप्रैल 2023 की है, जब चकिया निवासी प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद मुस्लिम ने पुलिस में FIR दर्ज कराई थी। एफआईआर में अतीक अहमद के बेटे अली अहमद, उनके भाई उमर अहमद, असद कालिया, ऐहतेशाम, करीम समेत कुल छह लोगों को नामजद किया गया।
FIR के अनुसार, आरोपियों ने चकिया चौराहे पर बिल्डर को जबरन गाड़ी में बैठाकर चकिया स्थित अतीक के ऑफिस में बंद किया और पीटा। इसके बाद उन्हें धमकी दी गई कि धूमनगंज के देवघाट की जमीन उमर और अली के नाम कर दी जाएगी। किसी तरह बिल्डर वहां से भागकर अपनी जान बचाने में सफल हुआ। बाद में दबाव में बिल्डर को 1.20 करोड़ असद कालिया को देने पड़े।
नैनी जेल से झांसी क्यों शिफ्ट हुआ था अली
अली लंबे समय तक फरार रहा। 2022 में रंगदारी मामले में कोर्ट में सरेंडर करने के बाद उसे प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया। वहां उसपर अनुशासनहीनता के आरोप लगे, जिसमें बैरक से नकदी बरामदगी शामिल थी। जून 2025 में डीआईजी जेल की छापेमारी में उसके पास से 1100 रुपये मिले, जिसके बाद दो जेल अधिकारी निलंबित कर दिए गए।
नैनी जेल के तन्हाई बैरक में रखने के बावजूद उसकी गतिविधियां पूरी तरह नहीं रुकीं। हाल ही में शासन के आदेश पर अली को झांसी जेल शिफ्ट किया गया, जहां उसे कड़ी निगरानी में रखा जा रहा है। अली पर हत्या, अपहरण और रंगदारी समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पिता और चाचा की हत्या के बाद कानूनी कार्रवाइयां तेज
उसके पिता अतीक अहमद और चाचा अशरफ अहमद की 2023 में हत्या के बाद परिवार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और तेज हो गई है। सेशन कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अली अहमद की जमानत याचिका खारिज कर दी, जिससे वह झांसी जेल में ही रहेगा।
